शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें : संभागायुक्त शर्मा
किसान कल्याण वर्ष में शत-प्रतिशत उपलब्धि के साथ भोपाल संभाग को प्रथम स्थान दिलाने का लक्ष्य

भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन में कृषि आधारित उद्योगों के लिए तैयार होगी डेटा आधारित क्लस्टर योजना
संभागायुक्त ने कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य विभागों के कार्यों की समीक्षा की
संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को कमिश्नर कार्यालय के सभाकक्ष में कृषि एवं किसान कल्याण, उद्यानिकी, पशुपालन तथा मत्स्य विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। संभागायुक्त श्री शर्मा ने संभाग एवं जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की समय-सीमा में पूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसके लिए मैदानी स्तर से संभाग स्तर तक प्रतिदिन व्यवस्थित मॉनिटरिंग और समीक्षा की प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए। संभागायुक्त शर्मा ने कहा कि किसान कल्याण वर्ष-2026 के अंतर्गत कृषि एवं संबद्ध विभागों की योजनाओं के क्रियान्वयन में शत-प्रतिशत उपलब्धि अर्जित कर भोपाल संभाग को प्रदेश में प्रथम स्थान दिलाना सभी अधिकारियों का लक्ष्य होना चाहिए। किसानों से जुड़े प्रत्येक विषय को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। कृषि एवं संबद्ध विभाग आपसी समन्वय से मैदानी स्तर पर कार्य करें तथा नवाचारों के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करें।
उद्यानिकी फसलों की गिरदावरी सुनिश्चित करें
उद्यानिकी विभाग की समीक्षा करते हुए संभागायुक्त ने सभी जिलों में उद्यानिकी फसलों की गिरदावरी सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने प्राकृतिक एवं संरक्षित खेती को प्रोत्साहित करने के साथ उद्यानिकी फसलों के रकबे और उत्पादन में वृद्धि के लिए निरंतर प्रयास करने तथा योजनावार निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। संभागायुक्त शर्मा ने जलवायु क्षेत्र के अनुरूप ‘एक जिला-एक उत्पाद’ के अंतर्गत भोपाल में अमरूद, सीहोर में प्याज, राजगढ़ में संतरा, विदिशा में धनिया तथा रायसेन में टमाटर का रकबा बढ़ाने के निर्देश दिए।
मेट्रोपॉलिटन रीजन में स्थापित होंगे कृषि आधारित क्लस्टर
संभागायुक्त शर्मा ने भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन में क्षेत्रवार क्लस्टर आधारित उद्यानिकी फसलों और कृषि-संबद्ध गतिविधियों का सटीक मैदानी डेटा एकत्र करने के निर्देश दिए। उन्होंने उपलब्ध संसाधनों एवं मांग का आकलन कर कोल्ड स्टोरेज, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, डेयरी तथा अन्य रोजगारपरक उद्योगों की स्थापना के लिए समग्र योजना तैयार करने को कहा। उन्होंने कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्यपालन से संबंधित क्लस्टर आधारित उद्योगों की स्थापना के साथ छोटे एवं रोजगारपरक कृषि आधारित उद्योगों को अधिक से अधिक प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।
एग्री स्टैक आईडी और किसान पंजीयन के लिए चलेगा अभियान
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की समीक्षा करते हुए संभागायुक्त ने सभी जिलों में किसानों की एग्री स्टैक आईडी बनाने तथा ई-विकास पोर्टल पर किसानों के पंजीयन, ई-टोकन बुकिंग और समिति स्तर पर सदस्य किसानों का पंजीयन सुनिश्चित कराने के लिए व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने खाद एवं बीज की उपलब्धता की प्रतिदिन मॉनिटरिंग करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। अमानक खाद एवं बीज के विक्रय में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई कर एफआईआर दर्ज कराई जाए।
पशुपालन को कृषि का वास्तविक पूरक व्यवसाय बनाएं
पशुपालन विभाग की समीक्षा करते हुए संभागायुक्त शर्मा ने दुग्ध उत्पादन में वृद्धि, पशुधन संवर्धन, पशु स्वास्थ्य सेवाओं, कृत्रिम गर्भाधान, नस्ल सुधार कार्यक्रमों तथा ‘क्षीरधारा’ जैसी अभिनव योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पशुपालन को कृषि के वास्तविक पूरक व्यवसाय के रूप में विकसित किया जाए, जिससे ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त एवं स्थायी आय के अवसर प्राप्त हो सकें।
केज कल्चर और आधुनिक मत्स्य उत्पादन तकनीकों को दें बढ़ावा
मत्स्यपालन विभाग की समीक्षा के दौरान संभागायुक्त ने उपलब्ध जलाशयों का वैज्ञानिक एवं अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने, केज कल्चर को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित करने तथा गुणवत्तायुक्त मत्स्य बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आधुनिक मत्स्य उत्पादन तकनीकों के विस्तार के साथ मत्स्य उत्पादों के मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण एवं प्रभावी विपणन की व्यवस्था विकसित करने को कहा। संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि मत्स्यपालन को ग्रामीण उद्यमिता, स्वरोजगार एवं आय संवर्धन के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में विकसित करते हुए विभागीय योजनाओं का लाभ अधिकतम हितग्राहियों तक पहुंचाया जाए। बैठक में संयुक्त आयुक्त डॉ. विनोद यादव, संयुक्त संचालक कृषि आलोक मीणा, उप संचालक मत्स्य विभाग रमेश सोनकर, संयुक्त संचालक उद्यानिकी डी.आर. जाटव तथा संयुक्त संचालक पशुपालन एवं डेयरी डॉ. राजू रावत सहित संभाग के सभी जिलों के संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।





