कम्युनिटी आउटरीच प्रोग्राम अंतर्गत फार्मासिस्टों द्वारा एंटीबायोटिक के तर्कसंगत उपयोग पर कार्यशाला का आयोजन
एम्स भोपाल द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन तथा खाद्य एवं औषधि प्रशासन के सहयोग से एक वर्कशॉप का आयोजन

एम्स भोपाल द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन तथा खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) मध्य प्रदेश के सहयोग से भोपाल के फार्मासिस्टों हेतु एक वर्कशॉप का आयोजन नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) कार्यालय भोपाल में किया गया। कार्यशाला का विषय था – “Smart Use, Safe Future – Antimicrobial Resistance Awareness for Pharmacists.” कार्यशाला में अपर मिशन संचालक (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) दिशा प्रणय नागवंशी (IAS) की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें NHM राज्य क्वालिटी एश्योरेन्स शाखा से उप संचालक डॉ. पंकज बुधौलिया, AIIMS भोपाल के विषय विशेषज्ञ डॉ. सागर खडंगा,डॉ. मुरली एम. एवं उनकी टीम तथा खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के धर्मेश बिगोनिया (स्टेट लाइसेंसिंग अथॉरिटी) के साथ अन्य सदस्य उपस्थित थे।
कार्यशाला में एम्स भोपाल से डॉ. सागर खडंगा एवं पॉलिटेक्निक कॉलेज भोपाल से डॉ. श्वेता द्वारा AMR के खतरों एवं AMR के समुचित एवं विवेकपूर्ण उपयोग के संबंध में फार्मासिस्टों को जागरूक किया गया। उप संचालक डॉ.पंकज बुधौलिया द्वारा अवगत कराया गया कि एंटी- माइकोबियल रजिस्टेंस की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु मध्यप्रदेश राज्य द्वारा देश में सर्वप्रथम MPSAP AMR 2.0 (Madhya Pradesh State Action Plan on Anti-microbial Resistance 2.0) विकसित किया गया,जिसकी कार्ययोजना का विमोचन मुख्यमंत्री द्वारा 28 जून 2026 को किया गया है।
केमिस्ट एसोसियेशन भोपाल के अध्यक्ष जीतेन्द्र धाकड दारा इस पहल की सराहना की गयी एवं इस प्रकार की कार्यशाला का आयोजन अन्य जिलो के केमिस्ट एसोसियेशन के साथ में कराये जाने का अनुरोध किया गया। कार्यक्रम में सम्मिलित फार्मासिस्टों से भी चर्चा कर उनके सुझाव आमंत्रित किये गए। कार्यकम में एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस विषय पर प्री-असेसमेंट एवं पोस्ट- असेसमेंट टेस्ट, एक्सपर्ट लेक्चर, इंटरैक्टिव ग्रुप एक्टिविटीज़, एजुकेशनल पैम्फलेट का वितरण और “एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस: पब्लिक हेल्थ की सुरक्षा में फार्मासिस्ट की भूमिका” पर एक पैनल चर्चा भी की गयी।
कार्यशाला में आये वरिष्ठ फार्मासिस्ट राजेन्द्र प्रसाद कौशल द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा उनकी सोनागिरी स्थ्ति आर.के. मेडिकल शॉप में ग्राहकों से बिना दवा परची के एंटीबायोटिक्स की मांग न करने का संदेश प्रदर्शित किया गया है। उनके इस सराहनीय पहल हेतु कार्यशाला में उन्हें सम्मानित किया गया।
कार्यशाला से एंटीबायोटिक के गलत इस्तेमाल को रोकने और जन स्वास्थ्य की सुरक्षा में फ्रंटलाइन हेल्थकेयर प्रोफेशनल के तौर पर फार्मासिस्टों की अहम भूमिका को और मज़बूत किया। प्रतिभागियों ने एंटीबायोटिक देने के तर्कसंगत तरीकों को बढ़ावा देने और एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस को रोकने के राष्ट्रीय प्रयासों का समर्थन करने की शपथ ली गयी , जिससे एक सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य बनाने में योगदान मिल सके।





