Gen Z क्यों कर रही है साइड हसल? नौकरी के साथ दूसरी कमाई का बढ़ा ट्रेंड, सामने आई बड़ी वजह

नौकरी मिल गई, हर महीने सैलरी भी आ रही है, फिर भी जेन जी एक ही कमाई पर रुकना नहीं चाहती. नौकरी के साथ फ्रीलांसिंग, कंटेंट क्रिएशन, ऑनलाइन काम या कोई छोटा बिजनेस करने का चलन भी देखने को मिल रहा है. इसे साइड हसल कहा जाता है. लेकिन इसके पीछे सिर्फ ज्यादा पैसे कमाने की चाह नहीं, बल्कि फाइनेंशियल प्रेशर भी बड़ी वजह है.
एक नौकरी, लेकिन खर्च ज्यादा
डेलॉयट की 2026 जेन जी एंड मिलेनियल सर्वे के मुताबिक जेन जी की इस सोच की एक बड़ी वजह सामने रखती है. भारत में 54% जेन जी ने पैसों की वजह से अपनी जिंदगी के बड़े फैसले टाल दिए हैं. वहीं 20% जेन जी हर महीने अपने रोजमर्रा के खर्च पूरे करने में परेशानी महसूस करती है.
यानी मामला सिर्फ महंगे कपड़े, घूमने या ऑनलाइन शॉपिंग का नहीं है. घर खरीदना, बचत करना और फ्यूचर को सिक्योर रखना भी युवाओं के लिए बड़ी चिंता बन गया है.
इसलिए दूसरी कमाई का रास्ता
ऐसे फाइनेंशियल प्रेशर के बीच ज्यादा पैसे कमाने का जरिया यंगस्टर्स के लिए बहुत ईजी या अट्रैक्टिव ऑप्शन बन सकता है. साइड हसल उन्हें अपनी कमाई बढ़ाने का मौका देता है. इससे नौकरी के अलावा एक और इनकम का जरिया बन जाता है.
डेलॉयट की वर्ल्ड 2026 रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 30% जेन जी पार्ट-टाइम या फुल-टाइम साइड जॉब कर रही है. रिपोर्ट ये भी बताती है कि फाइनेंशिय नीड इसका एक बड़ा कारण है. हालांकि, साइड जॉब करने वाले एक-तिहाई से ज्यादा युवाओं का कहना है कि इससे उन्हें नए कौशल और रिश्ते बनाने में भी मदद मिलती है.
सिर्फ पैसे नहीं, अपना रास्ता भी
जेन जी के लिए साइड हसल सिर्फ ज्यादा पैसा कमाना नहीं है. ये अपनी पसंद के काम को आजमाने का तरीका भी बन रहा है. नौकरी से अलग कोई काम करके जेन जी नए स्क्लिस सीख सकते हैं और फ्यूचर में उसी को बड़ा काम भी बना सकते हैं.
यानी जेन जी का फंडा सीधा है-एक नौकरी से अनुभव और स्टेबिलिटी लो, लेकिन कमाई का रास्ता सिर्फ एक मत रखो. बढ़ते खर्च और फाइनेंशियल अनिश्चिचता के बीच साइड हसल अब सिर्फ शौक नहीं, बल्कि कई जेन जी के लिए ज्यादा पैसा कमाने का जरिया बनता जा रहा है.





