नंदिनी योजना से यूपी में डेयरी और ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा

लखनऊ 
खेती के साथ-साथ पशुपालन को भी आय का मजबूत आधार बनाने की दिशा में महत्वाकांक्षी नंदिनी योजना किसानों, पशुपालकों और बेरोजगार युवाओं के लिए सुनहरा अवसर लेकर आई है। यूपी की योगी सरकार की इस योजना के माध्यम से जिले में छह आधुनिक डेयरी इकाइयों की स्थापना की जाएगी, जिनमें प्रत्येक इकाई में 10 उच्च दुग्ध उत्पादन क्षमता वाली गायों का पालन किया जाएगा। 23.50 लाख रुपये की लागत वाली इस योजना पर सरकार 50 प्रतिशत अर्थात 11.80 लाख रुपये तक का अनुदान उपलब्ध कराएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को नई गति मिलने के साथ किसानों की आय बढ़ाने और गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का मार्ग प्रशस्त होगा।

बलरामपुर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि बलरामपुर को इस वर्ष छह डेयरी इकाइयों का लक्ष्य आवंटित हुआ है। प्रत्येक इकाई की कुल लागत 23.50 लाख रुपये निर्धारित की गई है, जिसमें सरकार 11.80 लाख रुपये सब्सिडी देगी। शेष राशि लाभार्थी स्वयं अथवा बैंक ऋण के माध्यम से जुटा सकेंगे। योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान, पशुपालक और बेरोजगार युवा 21 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पात्र अभ्यर्थियों का चयन पूरी पारदर्शिता के साथ लॉटरी प्रणाली से किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि नंदिनी योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में वैज्ञानिक एवं आधुनिक डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देना भी है। वर्तमान समय में खेती के साथ पशुपालन किसानों के लिए अतिरिक्त आय का सबसे भरोसेमंद माध्यम बनकर उभर रहा है। यदि आधुनिक तकनीक, संतुलित पशु आहार और बेहतर नस्ल की गायों का उपयोग किया जाए तो डेयरी व्यवसाय किसानों की आर्थिक तस्वीर बदल सकता है।आधुनिक डेयरी इकाइयों की स्थापना से जिले में दुग्ध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे दुग्ध सहकारी समितियों को पर्याप्त मात्रा में दूध उपलब्ध होगा, दुग्ध प्रसंस्करण गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

योजना ग्रामीण युवाओं को गांव में ही स्वरोजगार स्थापित करने का अवसर प्रदान करेगी, जिससे रोजगार के लिए शहरों की ओर होने वाले पलायन पर प्रभावी अंकुश लगेगा। सरकार पशुपालन आधारित आजीविका को बढ़ावा देने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है। नंदिनी योजना भी उसी कड़ी का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना व ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करना है। डेयरी व्यवसाय से प्रतिदिन नकद आय प्राप्त होने के कारण किसानों की आर्थिक स्थिति में स्थायित्व आता है और वे खेती के साथ अन्य आवश्यकताओं को भी आसानी से पूरा कर सकते हैं।

विशेषज्ञ परामर्श के साथ मिलेगा वैज्ञानिक मार्गदर्शन
योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को केवल अनुदान ही नहीं मिलेगा, बल्कि पशुपालन विभाग की ओर से तकनीकी प्रशिक्षण, आधुनिक डेयरी प्रबंधन की जानकारी, पशुओं के स्वास्थ्य संबंधी विशेषज्ञ परामर्श तथा वैज्ञानिक तरीके से डेयरी संचालन का मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा। इससे लाभार्थी डेयरी इकाइयों का सफल संचालन कर अधिक उत्पादन और बेहतर आय सुनिश्चित कर सकेंगे।

21 तक करें आवेदन
जिले के किसानों, पशुपालकों और बेरोजगार युवाओं से अपील की कि वे अंतिम तिथि 21 जुलाई से पहले ऑनलाइन आवेदन अवश्य करें। आवेदन नंद बाबा दुग्ध मिशन के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों ने पहले से कामधेनु योजना, मिनी/माइक्रो कामधेनु योजना, नंदिनी कृषक समृद्धि योजना या मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना का लाभ लिया है, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।

आवेदन की अंतिम तिथि: 21 जुलाई

जनपद का लक्ष्य: 6 आधुनिक डेयरी इकाइयां

प्रति इकाई: 10 उच्च दुग्ध उत्पादन क्षमता वाली गायें

कुल परियोजना लागत: 23.50 लाख रुपये

सरकारी अनुदान: 11.80 लाख रुपये (50 प्रतिशत)

शेष राशि: स्वयं अथवा बैंक ऋण के माध्यम से

चयन प्रक्रिया: लॉटरी प्रणाली के माध्यम से पारदर्शी चयन

अतिरिक्त सुविधा: तकनीकी प्रशिक्षण, विशेषज्ञ मार्गदर्शन एवं आधुनिक डेयरी प्रबंधन का प्रशिक्षण
बलरामपुर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि नंदिनी योजना ग्रामीण क्षेत्रों में डेयरी व्यवसाय को नई दिशा देगी। इससे किसानों की आय बढ़ेगी, रोजगार के अवसर सृजित होंगे। जिले में दुग्ध उत्पादन के साथ गोवंश संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार की मंशा है कि अधिक से अधिक किसान इस योजना का लाभ उठाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें।

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