आजम खान और अब्दुल्ला आजम को बड़ा झटका! फर्जी पैन कार्ड केस में कोर्ट ने बढ़ाई सजा

रामपुर
सपा नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को अब फर्जी पैन कार्ड केस में 10-10 साल की सजा काटनी होगी। रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने शनिवार को दोनों की सजा को तीन-तीन साल के लिए बढ़ा दिया। पहले इस मामले में आजम खान और अब्दुल्ला आजम खान को 7-7 साल की सजा मिली थी। मामले में दिसंबर 2025 में उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से सजा बढ़ाने के लिए अपील की गई थी। अपने फैसले में अदालत ने दोनों के ऊपर 5-5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की रकम पहले 50-50 हजार रुपये थी।
आजम खान और अब्दुल्ला आजम खान फिलहाल रामपुर की ही जेल में बंद हैं।
दो पैन मामले में आजम की सजा 7 से 10 साल हुई, अब्दुल्ला पर जुर्माना बढ़ाया
सपा के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को 17 नवंबर को अब्दुल्ला आजम के दो पैनकार्ड मामले में एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट से सात साल की सजा हुई थी। जिससे असंतुष्ट अभियोजन पक्ष ने एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की थी। जिस पर सुनवाई हुई और शनिवार को सरकार की अपील को स्वीकार करते हुए सजा में बढ़ोतरी की है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में सपा नेता आजम खां की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
विवादित बयान मामले में आजम को 2 साल की सजा
आपको बता दें इससे पहले ये तनखइया हैं…इनसे मत डरियो…इंशा अल्लाह इनसे जूते साफ कराऊंगा…लोकसभा चुनाव के दौरान आजम खान के इस विवादित बयान पर एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने आजम खां को दोषी करार देते हुए दो साल की सजा से दंडित किया था। अदालत ने 20 हजार रुपयों का जुर्माना भी लगाया है। मालूम हो कि 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में आजम खान समाजवादी पार्टी से प्रत्याशी थे। इस दौरान भोट थाना क्षेत्र में आयोजित रोड शो के दौरान आजम का एक विवादित बयान का वीडियो वायरल हुआ था।
तत्कालीन रामपुर के डीएम को लेकर विवादित बयान दिया था
जिसमें आजम खान तत्कालीन जिलाधिकारी पर निशाना साधते हुए कहते सुनाई दे रहे थे कि ये तनखइया हैं, इनसे मत डरियो, उन्हीं के साथ गठबंधन है जो जूते साफ करा लेती हैं, इंशा अल्लाह चुनाव बाद इनसे जूते साफ कराऊंगा….। आजम के इस वीडियो पर दिल्ली में चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया और राज्य निर्वाचन आयोग से रिपोर्ट तलब की थी। राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारी से रिपोर्ट मांगते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए थे, जिस पर तत्कालीन जिलाधिकारी एवं वर्तमान में कमिश्नर मुरादाबाद आन्जनेय कुमार सिंह के आदेश पर तत्कालीन एसडीएम टांडा एवं चमरौआ विस क्षेत्र के एआरओ घनश्याम त्रिपाठी की ओर से भोट थाने में केस दर्ज कराया था।
12 जून को झूठे शपथ पत्र मामले में सुनवाई
आजम खान के बेटे और पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम से जुड़े झूठे शपथ पत्र मामले की सुनवाई 12 जून को होगी। रामपुर की अदालत ने इस मामले में प्रशासन से अब्दुल्ला आजम की उम्र से संबंधित दस्तावेज तलब किए हैं।
अभियोजन पक्ष की दलील
अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहीं अधिवक्ता सीमा राणा ने कोर्ट के फैसले को न्याय की जीत बताया. उन्होंने कोर्ट में दलील दी कि फर्जीवाड़ा और संवैधानिक दस्तावेजों में हेरफेर एक गंभीर मामला है. इसमें कड़ी सजा की जरूरत है. कोर्ट ने सीमा राणा की दलील को स्वीकार करते हुए, आजम खान की सजा को तीन साल बढ़ा दिया और दोनों पर भारी जुर्माना भी लगाया।
क्या है मामला?
बीजेपी नेता आकाश सक्सेना की तरफ से शिकायत की गई थी की. आकाश सक्सेना ने आरोप लगाया था कि अब्दुल्ला आजम ने अपने पिता के राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए दो अलग-अलग जन्म तिथि का पैन कार्ड बनवाया. इस फर्जीवाड़े के तहत आजम खान ने अब्दुल्ला का पासपोर्ट भी बनवाया और यूपी की स्वार सीट से चुनाव भी लड़वाया. इस मामले में हाईकोर्ट ने अब्दुल्ला आजम का निर्वाचन रद्द कर दिया था।





