रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर: 23 से 30 जून तक अर्चना-नीलांचल समेत 9 ट्रेनों का बदला रूट

लखनऊ
गर्मी की छुट्टी में रेल यात्रियों की आफत थोड़ी बढ़ गई है। उत्तर रेलवे के गौरा-सुवंसा-जंघई रेलखंड पर दोहरीकरण कार्य के चलते रेलवे ने 23 से 30 जून तक अर्चना और नीलांचल एक्सप्रेस समेत नौ प्रमुख ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया है। वहीं, यात्रियों की सुविधा के लिए वाराणसी-लखनऊ इंटरसिटी का सुवंसा स्टेशन पर अस्थाई ठहराव बढ़ाया गया है। सीनियर डीसीएम समर्थ गुप्ता ने यात्रियों से सफर पर निकलने से पहले हेल्पलाइन नंबर 139 पर स्थिति जांचने की अपील की है।
मार्ग परिवर्तन के तहत लखनऊ-वाराणसी (24204), अमृतसर-हावड़ा पंजाब मेल (13006), जम्मूतवी-पटना अर्चना एक्सप्रेस (12356) और नई दिल्ली-वाराणसी विशेष गाड़ी (04210) लखनऊ-सुलतानपुर-जफराबाद-वाराणसी मार्ग से चलेंगी, जिससे रायबरेली, अमेठी और प्रतापगढ़ जैसे स्टेशनों पर इनका ठहराव नहीं होगा।
दूसरी तरफ, हावड़ा-अमृतसर पंजाब मेल (13005), पटना-जम्मूतवी अर्चना एक्सप्रेस (12355) और पुरी-आनंद विहार नीलांचल एक्सप्रेस (12875) वाराणसी-जफराबाद-सुलतानपुर-लखनऊ मार्ग से डायवर्ट रहेंगी। बनारस-देहरादून एक्सप्रेस (15119) 23 से 27 जून तक जंघई-फाफामऊ और 28 से 30 जून तक प्रयागराज के रास्ते चलाई जाएगी, जबकि फिरोजपुर-पटना साहिब गाड़ी (04616) 23 जून को उतरेठिया-सुलतानपुर होकर निकलेगी।
बनारस इंटरसिटी का ठहराव सुवंसा पर
रेलवे के अनुसार 26 से 30 जून तक बादशाहपुर स्टेशन पर प्लेटफॉर्म न होने से 15108 लखनऊ-बनारस इंटरसिटी, 15107 बनारस-लखनऊ इंटरसिटी और 24203 वाराणसी-लखनऊ एक्सप्रेस का ठहराव सुवंसा स्टेशन पर 2 मिनट के लिए दिया जाएगा। जंघई पर ठहराव यथावत रहेगा।
29 मिनट में ट्रेन पलटाने की साजिश का रहस्य छुपा
लखनऊ, संवाददाता। दिलकुशा के पास रेलवे पटरी पर लोहे का एंगल रखकर पंजाब मेल ट्रेन को पलटाने की साजिश का रहस्य 29 मिनट में छिपा। पुलिस, एजेंसियां, जीआरपी और आरपीएफ की विशेष टीमें इस दो ट्रेनों के बीच के इस अंतराल में ट्रैक पर हुई गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं। इस दौरान ट्रैक पर कौन गया? वह किधर से आया?
कितने लोग थे? टीमें तफ्तीश कर रही हैं।
एसपी जीआरपी रोहित मिश्रा के मुताबिक शुक्रवार दोपहर एक ट्रेन ट्रैक से 1:36 बजे निकली। उस समय ट्रैक पर लोहे का एंगल नहीं था। दूसरी पंजाब मेल 2:05 बजे निकली। उस समय ट्रैक पर एंगल रखा था। चालक ने काफी हद तक हादसा रोकने की कोशिश की पर आखिर में इंजन में एंगल फंस गया था। लोहे का एंगल करीब 50 किलो वजन का था। जिसे उठाने में करीब तीन से चार लोग लगे होंगे। एसीपी कैंट ज्ञानेंद्र सिंह निर्देशन में थाने की टीम के अलावा, जीआरपी, रेलवे, खुफिया एजेंसियां घटनास्थल को जाने वाले मार्ग पर लगे सीसी कैमरे खंगाल रही हैं।





