जन परिषद के गीत को गुनगुनाएंगी आने वाली पीढ़ियां – दीपक वोहरा
जन परिषद के 37वें वार्षिक एवं सम्मान समारोह हुआ सम्पन्न

जन परिषद के 37वें वार्षिक एवं सम्मान समारोह का आयोजन रवीन्द्र भवन, भोपाल में अत्यंत गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। समारोह में भारत के पूर्व राजदूत एवं अंतरराष्ट्रीय संबंधों के अग्रणी ज्ञाता दीपक वोहरा, डीजीपी ’’कैलाश मकवाना, एसीएस ’’अनुपम राजन तथा एयर मार्शल प्रमोद श्रीवास्तव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों का सम्मान भी किया गया।
सम्मान समारोह में पूर्व राजदूत दीपक वोहरा ने कहा कि जन परिषद की 37 वर्षों की गौरवशाली यात्रा, उसके सेवा कार्यों तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित पहचान को देखते हुए यह विश्वासपूर्वक कहा जा सकता है कि आने वाली पीढ़ियां जन परिषद के रचनात्मक गीतों को गुनगुनाएंगी। उन्होंने कहा कि आज विश्व अनेक चुनौतियों और अस्थिरताओं के दौर से गुजर रहा है, ऐसे समय में जन परिषद जैसी संस्थाएं समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वे इन दिनों अत्यंत व्यस्त थे और भोपाल आने की स्थिति में भी नहीं थे, लेकिन जब उन्होंने जन परिषद के इतिहास, उपलब्धियों और कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा भोपाल के अपने मित्रों से संस्था के संबंध में चर्चा की, तो सभी ने जन परिषद की इतनी प्रशंसा की कि वे स्वयं को इस कार्यक्रम में आने से रोक नहीं सके। उन्होंने जन परिषद के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी संस्था के लिए 37 वर्षों तक निरंतर सक्रिय और प्रभावी बने रहना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।दीपक वोहरा जी ने आचार्य चाणक्य के छह सूत्रों को सरल एवं प्रेरक ढंग से प्रस्तुत करते हुए राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि आज भारत विश्व की ओर नहीं देख रहा है, बल्कि पूरा विश्व आशा और विश्वास की दृष्टि से भारत की ओर देख रहा है।
वोहरा ने उपस्थित जनों से आग्रह किया कि वे इन सूत्रों को अपने घरों तक पहुँचाएँ और अपने बच्चों को भी इनके बारे में अवश्य बताएं, ताकि उनमें संस्कार, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रप्रेम की भावना विकसित हो। उन्होंने बताया कि जन परिषद ने देशभर में 300 से अधिक इकाइयों एवं सहयोगी संगठनों का मजबूत नेटवर्क विकसित किया है तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। यदि देश में जन परिषद जैसी सैकड़ों संस्थाएं और विकसित हो जाएं, तो राष्ट्र के सामाजिक और रचनात्मक वातावरण में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन संभव है। उन्होंने जन परिषद को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।
एसीएस अनुपम राजन ने कहा कि समाज के विकास में जनभागीदारी और सामाजिक उत्तरदायित्व की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जन परिषद ने विभिन्न क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन लाने का जो प्रयास किया है, वह अनुकरणीय है।
एयर मार्शल प्रमोद श्रीवास्तव ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और समर्पण अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने युवाओं को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में जन परिषद के अध्यक्ष एवं पूर्व डीजीपी एन.के. त्रिपाठी ने स्वागत भाषण देते हुए संस्था की 37 वर्षों की यात्रा, उपलब्धियों और भावी योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जन परिषद समाज, पर्यावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनसशक्तिकरण के क्षेत्र में निरंतर कार्य करती रहेगी।
कार्यक्रम का वार्षिक प्रतिवेदन महेंद्र जोशी द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसमें संस्था की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों, सामाजिक अभियानों, पर्यावरण संरक्षण, जनजागरण तथा सेवा परियोजनाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया।
सम्मान समारोह का संचालन संयोजक रामजी श्रीवास्तव ने किया तथा अंत में अजय श्रीवास्तव (नीलू जी) ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। समारोह में जन परिषद के पदाधिकारी, सदस्यगण, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, शिक्षाविद्, पत्रकार सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
सम्मानित हुई विभूतियां:
एंबेसडर ऑफ एक्सीलेंस सम्मान से पूर्व राजदूत दीपक वोहरा (नई दिल्ली) को सम्मानित किया गया। एक्सीलेंट गार्जियन ऑफ द हार्ट सम्मान से डॉ. सुब्रतो मंडल को सम्मानित किया गया। कवि प्रदीप चैबे सम्मान प्रेमचंद द्वितीय (बड़नगर) को, सांसद विजय खंडेलवाल सम्मान मनोज तिवारी (गढ़ाकोटा) को तथा ललित श्रीवास्तव सम्मान मोहन परिहार को प्रदान किया गया। कुलभूषण दल्लौरी सम्मान से ललित अग्रवाल (इंदौर), अमित शर्मा एवं आशीष श्रीवास्तव को सम्मानित किया गया। राजकमल श्रीवास्तव सम्मान डॉ. रूबी खान को प्रदान किया गया। मां प्रभादेवी सम्मान से उरज मिश्रा, शिल्पी अभिषेक भार्गव (गढ़ाकोटा), अतुल बनारसी, अंशुमन खरे, डॉ. प्रगति सेठ (झांसी) तथा मोहन अग्रवाल को सम्मानित किया गया। लक्ष्मी रायकवार सम्मान कमल सिंह, डॉ. मंगल प्रसाद अग्रवाल सम्मान भरत तिवारी (सागर) तथा प्रकाश प्रलय सम्मान गौरीशंकर धाकड़ (बरेली) को प्रदान किया गया। पत्रकार के.के. अग्निहोत्री सम्मान से धर्मेंद्र सिंह (भोपाल) एवं ओमप्रकाश चैरसिया (गंजबासोदा) को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बेस्ट चैप्टर सम्मान आष्टा, छिंदवाड़ा, सागर एवं मुलताई चैप्टर्स को प्रदान किया गया। सम्मान समारोह में एक्टिव मेंबर्स ऑफ द ईयर के रूप में विनोद श्रीवास्तव, दुर्गेश रैकवार, नितिन श्रीवास्तव, संदीप गोलू तथा रामेश्वर को सम्मानित किया गया।





