CJP मंच से PM मोदी तक! प्रदर्शन के बीच शरद पवार और सुप्रिया सुले ने की मुलाकात, बढ़ी सियासी चर्चा

 नई दिल्ली

राजधानी दिल्ली में नीट (NEET) परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर जंतर-मंतर पर जारी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बड़े विरोध प्रदर्शन और हंगामे के बीच एक बड़ी सियासी खबर सामने आई है. एनसीपी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार और सांसद सुप्रिया सुले ने संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है। 

यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब एक दिन पहले ही शरद पवार और सुप्रिया सुले ने जंतर-मंतर पहुंचकर CJP और प्रदर्शनकारी छात्रों के आंदोलन का खुलकर समर्थन किया था और पुलिस कार्रवाई की निंदा की थी. संसद सत्र के दौरान हुई इस उच्च स्तरीय मुलाकात के बाद कयासों का बाजार गर्म हो गया है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार के बीच रिश्ते राजनीतिक रूप से बेहद जटिल और उतार-चढ़ाव से भरे रहे हैं। दोनों नेताओं के संबंध निजी तौर पर बेहद सौहार्दपूर्ण और आदरपूर्ण हैं, लेकिन चुनावी राजनीति के मंच पर दोनों एक-दूसरे पर तीखे हमले करने से नहीं चूकते।

    बारामती में थी तारीफ: पीएम मोदी ने 2015 में बारामती के एक दौरे के दौरान सार्वजनिक रूप से शरद पवार के लंबे राजनीतिक अनुभव की प्रशंसा की थी। उन्होंने कहा था कि पवार ने राजनीति के शुरुआती दिनों में उनका हाथ पकड़कर चलना सिखाया था।
    पद्म विभूषण सम्मान: वैचारिक मतभेदों के बावजूद, मोदी सरकार ने 2017 में शरद पवार को देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से नवाजा था।

    पीएम मोदी से सीधा संपर्क: शरद पवार देश के उन चुनिंदा विपक्षी नेताओं में गिने जाते हैं, जिनका प्रधानमंत्री से सीधा संपर्क है। वे राष्ट्रीय मुद्दों या महाराष्ट्र के प्रशासनिक संकटों पर अक्सर पीएम मोदी से वन-टू-वन मुलाकात करते हैं।

फोटो में पीएम मोदी कोई कागज पढ़ते दिख रहे हैं. इस दौरान शरद पवार पीएम मोदी से कुछ कह भी रहे हैं. शरद पवार के साथ उनकी बेटी सुप्रिया सुले भी पीएम से मिलने पहुंची थीं. शरद पवार जब पीएम से मिलने पहुंचे तो पीएम खुद उनका हाथ पकड़कर अंदर लाए. पिछले काफी समय से ऐसी अटकल है कि एसीपी शरद पवार गुट कई अहम विधेयकों पर एनडीए का समर्थन कर सकती है। 

महिला आरक्षण बिल, परिसीमन बिल को लेकर एनडीए खेमा लगातार विपक्षी दलों से बातचीत कर रहा है. इसमें शरद पवार का खेमा भी शामिल है. टीएमसी के 20 सांसदों के टूटने के बाद एनडीए अब विपक्ष पर डोरे डाल रहा है. गौरतलब है कि एनसीपी नेता शरद पवार ने कुछ दिन पहले महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की थी। 

एकनाथ शिंदे और शरद पवार की मुलाकात को लेकर चल रही चर्चाओं पर संजय देशमुख ने कहा था कि शरद पवार देश के वरिष्ठ और सम्मानित नेताओं में से एक हैं. उनका सम्मान केवल महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि पूरे देश में किया जाता है. यदि कोई वरिष्ठ नेता किसी भी राजनीतिक दल के नेता से मिलने जाता है, तो उसका सम्मानपूर्वक स्वागत करना भारतीय संस्कृति और विशेष रूप से महाराष्ट्र की राजनीतिक परंपरा का हिस्सा है. इस मुलाकात को राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। 

सियासी अटकलें: क्या NDA में जाएंगे पवार?
छात्रों के मुद्दे के इतर, इस मुलाकात ने महाराष्ट्र और केंद्र की राजनीति में बड़े उलटफेर के संकेत दिए हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शरद पवार की पार्टी मॉनसून सत्र में मोदी सरकार के अहम और विवादास्पद 'परिसीमन बिल' का समर्थन कर सकती है। पिछले सत्र में विपक्ष ने एकजुट होकर इसके खिलाफ वोट किया था। अगर NCP (SP) इसका समर्थन करती है, तो मोदी सरकार को लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा जुटाने में बड़ी मदद मिलेगी।

पिछले कुछ दिनों में NCP (SCP) के नेता जयंत पाटिल और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच हुई बैठकों से भी NDA के साथ गठबंधन की सुगबुगाहट तेज हुई थी। हालांकि, सुप्रिया सुले ने हाल ही में NDA में शामिल होने की अटकलों को खारिज किया था। उन्होंने स्पष्ट किया था कि न तो उन्हें और न ही पार्टी के किसी वरिष्ठ नेता को बीजेपी या किसी अन्य दल से ऐसा कोई प्रस्ताव मिला है, और नेताओं की हालिया मुलाकातें केवल प्रशासनिक कार्यों के लिए थीं न कि किसी राजनीतिक पुनर्गठन के लिए।

चुनाव में हुआ था वार और पलटवार
साल 2014 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के दौरान पीएम मोदी ने शरद पवार की NCP को 'नेचुरली करप्ट पार्टी' करार दिया था और जनता से 'चाचा-भतीजा' (शरद पवार और अजीत पवार) की जोड़ी को उखाड़ फेंकने की अपील की थी। 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान पीएम मोदी ने शरद पवार का नाम लिए बिना उन पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें 'भटकती आत्मा' कहा था, जो राजनीतिक स्थिरता को नुकसान पहुंचाती है। तब शरद पवार भी मोदी सरकार की नीतियों की लगातार आलोचना करते आए हैं। उन्होंने पीएम मोदी की तुलना रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से करते हुए देश में डर का माहौल बनाने का आरोप लगाया था। इसके अलावा उन्होंने पीएम मोदी की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से करने पर भी आपत्ति जताई थी।

NDA में जाने की लग रही हैं अटकलें
संसद के मानसून सत्र के दौरान शरद पवार और उनकी बेटी सुप्रिया सुले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की तस्वीरें काफी कुछ कह रही हैं। इस मुलाकात की हंसती-मुस्कुराती तस्वीरों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। दरअसल परिसीमन बिल पर बीजेपी को एनसीपी (SP) के 8 सांसदों का समर्थन चाहिए। इस मुलाकात को उससे जोड़कर भी देखा जा रहा है। सुप्रिया सुले ने सीटों में 50 फीसदी बढ़ोतरी की लिखित गारंटी मिलने पर इस बिल को सशर्त समर्थन देने के संकेत दिए हैं। हालांकि सुप्रिया सुले ने एनडीए में शामिल होने या किसी भी तरह के विलय के प्रस्तावों को खारिज किया है। ऐसे में शरद पवार के अगले कदम पर सस्पेंस है।

सुप्रिया ने जारी किया था बयान
शरद पवार और सुप्रिया सुले 21 जुलाई को सीजेपी के प्रदर्शन में भी गए थे. इतना ही नहीं सुप्रिया सुले ने दिल्ली पुलिस द्वारा पीएम हाउस के सामने धरना दे रहे नेताओं को जबरन उठाने पर आपत्ति जताते हुए सोशल मीडिया साइट एक्स पर बयान भी जारी किया था। 

सुप्रिया ने अपने बयान में कहा था कि लोक कल्याण मार्ग पर विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ बदसलूकी की गई, जब वे लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे छात्रों पर हुए बर्बर हमले के बारे में जवाब मांग रहे थे. उन्हें धक्का देकर ज़मीन पर गिरा दिया गया और घसीटा गया. पुलिस ने उन्हें, साथ ही सांसद प्रियंका गांधी और समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव को हिरासत में लेने के लिए बल प्रयोग किया. दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र, भारत के विपक्ष के नेता के साथ किया गया यह व्यवहार अलोकतांत्रिक है. हम देश के संवैधानिक मूल्यों और लोकतंत्र को बनाए रखने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे. हम दमन की इस कार्रवाई की कड़ी से कड़ी निंदा करते हैं। 

पवार की मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय से चार तस्वीरें शेयर की गईं. इसमें लिखा गया- राज्यसभा सांसद शरद पवार और लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले जी ने आज संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. बता दें बीते कुछ दिनों से यह चर्चा है कि एनसीपी एसपी, एनडीए के साथ आ सकते हैं.  इन सबके बीच यह मुलाकात कई मायनों में अहम मानी जा रही है। 

 

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