प्याज के छिलके फेंकने की गलती न करें, पौधों से लेकर किचन तक इन 5 तरीकों से आएंगे काम

सब्जी, दाल या सलाद बनाते समय प्याज हर भारतीय रसोई में रोज इस्तेमाल होता है. लेकिन हम प्याज छीलकर उसके सूखे छिलकों को बिना सोचे-समझे कूड़ेदान में फेंक देते हैं. क्या आप जानते हैं कि प्याज के छिलकों में प्याज से भी ज्यादा एंटी-ऑक्सीडेंट्स, सल्फर, पोटैशियम, कैल्सियम और क्वेर्सेटिन नाम का पाचक तत्व मौजूद होता है.

ये सूखे छिलके न सिर्फ आपके पौधों के लिए सबसे बेहतरीन प्राकृतिक खाद का काम करते हैं बल्कि सफेद बालों को काला करने, सूप-करी का फ्लेवर बढ़ाने और त्वचा की रंगत सुधारने में कमाल का असर दिखाते हैं. अगर आप प्याज के छिलकों को फेंकने के बजाय इकट्ठा करें तो घर के 5 बड़े काम मुफ्त में हो जाएंगे. आइए जानते हैं प्याज के छिलकों के 5 शानदार इस्तेमाल.

पौधों के लिए पोटैशियम रिच लिक्विड खाद
इस्तेमाल: 2 मुट्ठी प्याज के छिलकों को 1 लीटर पानी में डालकर 24 घंटे के लिए ढककर छोड़ दें. 24 घंटे बाद पानी का रंग लाल-भूरा हो जाएगा. इसे छानकर पौधों की जड़ों में डालें. इसमें मौजूद पोटैशियम, आयरन और सल्फर से पौधों में कीड़े नहीं लगते और ढेरों फूल व फल आते हैं.

सफेद बालों को काला करने का नेचुरल हेयर डाई
इस्तेमाल: प्याज के छिलकों को कड़ाही में बिना तेल के तब तक भूनें जब तक वे पूरी तरह काले न हो जाएं. अब इस राख को पीसकर पाउडर बना लें. इसमें 1 चम्मच एलोवेरा जेल या नारियल तेल मिलाकर सफेद बालों पर लगाएं. यह बिना किसी केमिकल के बालों को तुरंत नेचुरल काला रंग देता है.

सूप और करी का रंग व फ्लेवर बढ़ाएं
इस्तेमाल: वेजिटेबल सूप, स्टू या किसी दाल-ग्रेवी को पकाते समय प्याज के साफ छिलकों को धोकर उबलते समय डाल दें. परोसने से पहले छिलके निकाल लें. इससे सूप या ग्रेवी को खूबसूरत नेचुरल रिच कलर और सोंधा फ्लेवर मिलता है.

कीड़े-मकौड़ों के लिए नेचुरल पेस्टिसाइड स्प्रे
इस्तेमाल: प्याज के छिलकों को पानी में 10-15 मिनट उबालें. ठंडा होने पर पानी को स्प्रे बोतल में भरें और 1/2 चम्मच डिशवॉश लिक्विड मिलाएं. इस स्प्रे को पौधों पर छिड़कने से कीड़े, एफिड्स और चींटियां तुरंत भाग जाती हैं.

इम्युनिटी और गले की खराश के लिए टी
इस्तेमाल: प्याज के छिलकों को अच्छी तरह धोकर 2 कप पानी में 5-7 मिनट तक उबालें. छानकर इसमें थोड़ा-सा शहद और नींबू का रस मिलाकर पिएं. इसमें मौजूद क्वेर्सेटिन एंटी-ऑक्सीडेंट इम्युनिटी बूस्ट करता है और मौसम बदलने पर होने वाली गले की खराश व सर्दी में राहत देता है.

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