हिंदी पत्रकारिता की चुनौतियों पर मंथन, 12 पत्रकार सम्मानित
भोपाल प्रेस क्लब की स्मारिका का हुआ विमोचन

हिंदी पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के दौर में सामने आ रही चुनौतियों को लेकर भोपाल प्रेस क्लब के तत्वावधान में भोपाल के आईएसबीटी स्थित होटल राजहंस के सभागार में ‘वर्तमान परिप्रेक्ष्य में हिंदी पत्रकारिता पर मंथन एवं पत्रकार सम्मान समारोह’ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राजधानी के 12 पत्रकारों को पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके विशेष योगदान और उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भोपाल सांसद आलोक शर्मा थे, जबकि अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार महेश श्रीवास्तव ने की। वरिष्ठ पत्रकार अजय बोकिल और गिरीश उपाध्याय विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इस अवसर पर भोपाल प्रेस क्लब की स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
महेश श्रीवास्तव ने पत्रकारिता की मौजूदा भूमिका पर बात रखी
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ पत्रकार महेश श्रीवास्तव ने वर्तमान पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं पर सारगर्भित विचार रखे। उन्होंने बदलते दौर में पत्रकारिता की भूमिका और उसकी जिम्मेदारियों पर बात करते हुए कहा कि तकनीक और संचार के साधनों में तेजी से बदलाव के बावजूद पत्रकारिता की मूल जिम्मेदारी समाज के प्रति जवाबदेही और विश्वसनीय सूचना उपलब्ध कराना है। बदलते समय के साथ पत्रकारिता को अपनी कार्यशैली में बदलाव करना होगा, लेकिन उसकी विश्वसनीयता और मूल सरोकारों से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
अजय बोकिल ने सोशल मीडिया को बताया बड़ी चुनौती
वरिष्ठ पत्रकार अजय बोकिल ने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव से पत्रकारिता के सामने पैदा हो रही चुनौतियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया ने सूचना के प्रसार को तेज किया है, लेकिन इसके साथ गलत और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार की चुनौती भी बढ़ी है। ऐसे में पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखना पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों का सामना पत्रकारों को मिलकर करना होगा।
गिरीश उपाध्याय ने (एआई) के बढ़ते प्रभाव पर जताई चिंता
वरिष्ठ पत्रकार गिरीश उपाध्याय ने कहा कि पत्रकारिता के सामने चुनौतियां हमेशा रही हैं और आगे भी आती रहेंगी। समय के साथ इन चुनौतियों का स्वरूप जरूर बदलता रहा है। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते इस्तेमाल का जिक्र करते हुए कहा कि इससे पत्रकारिता के क्षेत्र में अवसर कम होने की स्थिति बन रही है। ऐसे में पत्रकारों को इस बदलाव को लेकर सावधान रहने और तकनीक के साथ खुद को लगातार अपडेट करने की जरूरत है।
सांसद आलोक शर्मा बोले- सोशल मीडिया की अश्लील भाषा बड़ी चुनौती
मुख्य अतिथि एवं भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने सोशल मीडिया पर चल रही अश्लील और आपत्तिजनक भाषा को पत्रकारिता और समाज के लिए बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर भाषा के स्तर में गिरावट का असर समाज पर भी पड़ता है। इस तरह की भाषा सामाजिक संवाद को प्रभावित कर सकती है और समाज में बिखराव का खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने जिम्मेदार और संयमित संवाद की जरूरत पर जोर दिया।
सम्मान समारोह में 12 पत्रकारों का हुआ सम्मान
समारोह में वरिष्ठ पत्रकार राजीव सोनी, जगदीश द्विवेदी, प्रकाश भटनागर, योगीराज योगेश, सुनील गंगराडे, अभिनव गोयल (आकाशवाणी), नीलम शर्मा, मनीष श्रीवास्तव, ममता यादव, अनुराधा त्रिवेदी, रघुवीर तिवारी और सचिन बैस को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का स्वागत भाषण भोपाल प्रेस क्लब के संरक्षक सतीश सक्सेना ने दिया, जबकि अध्यक्ष संजय सक्सेना ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन राजेश गाबा ने किया।
सम्मान समारोह में वरिष्ठ पत्रकार अरुण पटेल, अलीम बजमी, राघवेंद्र सिंह, नासिर हुसैन, सूर्यकांत चतुर्वेदी, संजय चतुर्वेदी, सुशील शर्मा, ओपी श्रीवास्तव, गोपी बलवानी, विजय शर्मा, डीएन पांडेय, एयू खान, विनोद सूर्यवंशी, नासिर अली, प्रकाश सक्सेना, हाजी मजीद, राजेश चतुर्वेदी, परवेज, ज्योति प्रकाश खरे, ब्रजेन्द्र सक्सेना, विनोद तोमर, अलंकृत दुबे, विवेकानंद, सुनील शुक्ला, विनीत अग्रवाल, सुनील चतुर्वेदी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।





