टैक्स लॉ बार एसोसिएशन भोपाल के प्रतिनिधि मंडल ने सीजीएसटी भोपाल की प्रधान आयुक्त को सौंपा ज्ञापन

टैक्स लॉ बार एसोसिएशन, भोपाल के प्रतिनिधि मंडल आज सीजीएसटी भोपाल की प्रधान आयुक्त एन.पद्मश्री से मिलकर जीएसटी के रूल 86ठ से जुड़े मामलों में व्यापारियों को हो रही परेशानी के संबंध में ज्ञापन दिया। ज्ञापन में रूल 86ठ के अनुसार जिन व्यापारियों की हर महीने की बिक्री 50 लाख रुपये से ज्यादा है, उन्हें अपने कुल टैक्स का कम से कम एक प्रतिशत हिस्सा नकद जमा करना होता है। कई व्यापारियों ने जानकारी न होने या भूलवश पूरा टैक्स इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) से जमा कर दिया। ऐसे मामलों में सरकार को पूरा टैक्स मिल चुका है। गलती सिर्फ इतनी है कि क प्रतिशत टैक्स नकद की जगह क्रेडिट से जमा हो गया।
टैक्स लॉ बार एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने बताया कि जांच और ऑडिट के दौरान विभाग के अधिकारी ऐसे मामलों को टैक्स चोरी की धारा 74 में ले रहे हैं और ब्याज व पेनल्टी भी मांग रहे हैं। जबकि इन मामलों में टैक्स चोरी की कोई नीयत नहीं होती और सारी जानकारी व्यापारी के रिटर्न में पहले से दर्ज होती है। इसलिए ऐसे मामले धारा 73 में आने चाहिए। सरकार को कोई नुकसान नहीं हुआ है, इसलिए ब्याज भी नहीं लगना चाहिए। एसोसिएशन ने यह मांग भी रखी कि अगर व्यापारी यह एक प्रतिशत टैक्स दोबारा नकद में जमा करता है, तो पहले क्रेडिट से जमा की गई राशि उसे जल्दी वापस (रिफंड) होना चाहिए।
इस अवसर पर अध्यक्ष मनोज पारख, सचिव धीरज अग्रवाल, वरिष्ठ कर सलाहकार भूपेश खुराफिया, एडवोकेट पलाश खुरापिया, जयंत जोशी और सीए विकास अग्रवाल उपस्थित रहे।





