बिहार में 208 नए डिग्री कॉलेज खुलेंगे, ‘उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य’ योजना को मिली मंजूरी

बिहार के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और उच्च शिक्षा को सुलभ बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार के 'सात निश्चय-3' (2025-30) के तहत एक महत्वपूर्ण योजना को मंजूरी दी गई है। इस योजना का नाम "उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य" रखा गया है, जो राज्य के चौथे निश्चय के रूप में लागू किया जा रहा है।

इस बड़े फैसले का मुख्य उद्देश्य उन क्षेत्रों में उच्च शिक्षा पहुंचाना है, जहां आज भी डिग्री कॉलेजों का अभाव है। सरकार ने ऐसे 208 प्रखंडों (ब्लॉक) की पहचान की है जहां एक भी डिग्री महाविद्यालय नहीं है। अब इन सभी 208 प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेजों की स्थापना की जाएगी।

9000 से अधिक पदों पर होगी बहाली
शिक्षा विभाग के इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के साथ ही राज्य में रोजगार के बड़े अवसर खुलने जा रहे हैं। कैबिनेट के फैसले के अनुसार, प्रत्येक नए डिग्री कॉलेज में सुचारू रूप से कार्य संचालन के लिए 44 पद सृजित किए जाएंगे। इसमें शिक्षक और कर्मचारी दोनों शामिल होंगे। कुल मिलाकर, सभी 208 कॉलेजों के लिए 9152 नए पदों के सृजन को प्रशासनिक स्वीकृति दे दी गई है। यह उन अभ्यर्थियों के लिए एक सुनहरा मौका होगा जो शिक्षा के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं।

104 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत
योजना को धरातल पर उतारने के लिए सरकार ने भारी-भरकम बजट का प्रावधान किया है। कॉलेजों में पढ़ाई की प्रक्रिया को जल्द से जल्द शुरू करने के लिए चिन्हित संस्थानों के जीर्णोद्धार और अन्य विविध खर्चों के लिए प्रति महाविद्यालय 50 लाख रुपये की दर से राशि आवंटित की गई है। इस तरह कुल 104 करोड़ रुपये की योजना को प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है।

सरकार की योजना है कि औपबंधिक रूप से चिन्हित किए गए भवनों की मरम्मत और साज-सज्जा कर जल्द से जल्द क्लास शुरू की जा सकें, ताकि छात्रों को दूर-दराज के शहरों में न जाना पड़े।

स्थानीय छात्रों को मिलेगा सीधा लाभ
ग्रामीण इलाकों के छात्रों के लिए अक्सर उच्च शिक्षा एक चुनौती बनी रहती है। ब्लॉक स्तर पर डिग्री कॉलेज न होने के कारण कई छात्र, विशेषकर छात्राएं, इंटर के बाद अपनी पढ़ाई छोड़ देते थे। "उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य" निश्चय के तहत अब घर के पास ही कॉलेज होने से ड्रॉप-आउट दर में कमी आएगी और बिहार के युवाओं का भविष्य और अधिक उज्ज्वल होगा। प्रशासन ने उन 208 प्रखंडों की सूची भी तैयार कर ली है, जहां कॉलेज निर्माण और उनके नामकरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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