यूपी रेरा ने 15 नई परियोजनाओं को दी मंजूरी, 4826 करोड़ का होगा निवेश

लखनऊ
उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने लखनऊ सहित प्रदेश के आठ जिलों की 15 नई रियल एस्टेट परियोजनाओं को मंजूरी दिया है। इन परियोजनाओं में 4826.31 करोड़ रुपये का निवेश होने का अनुमान है। इन परियोजनाओं के माध्यम से 5303 आवासीय व व्यावसायिक इकाइयों का विकास किया जाएगा।

यूपी रेरा मुख्यालय में शुक्रवार को प्राधिकरण की 206वीं बैठक रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता में हुई। मंजूर योजनाओं में आवासीय, व्यावसायिक व मिश्रित श्रेणी की हैं। ये परियोजनाएं राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर आवास और आधुनिक व्यावसायिक सुविधाओं की बढ़ती मांग को पूरा करने में सहायक होंगी।

निवेश की संख्या और विकसित होने वाली इकाइयों के मामले में गौतमबुद्ध नगर पहले स्थान पर रहा। यहां तीन परियोजनाओं को मंजूरी मिली, इनमें 3275.70 करोड़ का अनुमानित निवेश व परियोजनाओं के तहत 2565 इकाइयों का विकास किया जाएगा। इनमें एक-एक आवासीय, व्यावसायिक और एक मिश्रित श्रेणी की परियोजना शामिल हैं।

निवेश और कुल इकाइयों के मामले में दूसरे स्थान पर लखनऊ
लखनऊ निवेश व कुल इकाइयों के मामले में दूसरे स्थान पर रहा। यहां 562.96 करोड़ के अनुमानित निवेश वाली चार आवासीय परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं में 1276 इकाइयों, जिनमें फ्लैट, विला और प्लाट स्पेस का विकास किया जाएगा। इससे जिले की आवासीय गतिविधियों को और गति मिलेगी।

इसी प्रकार गाजियाबाद में 557.40 करोड़ की दो आवासीय और एक व्यावसायिक परियोजना से 636 आवासीय व व्यावसायिक इकाइयों का विकास किया जाएगा। वाराणसी में 275.84 करोड़ की एक आवासीय परियोजना के तहत 236 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जाएगा। प्रयागराज में 71.51 करोड़ की एक आवासीय परियोजना के तहत 180 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जाएगा।

इसी तरह अलीगढ़ में 18.63 करोड़ की एक आवासीय परियोजना के तहत 30 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जाएगा, बागपत में 38.69 करोड़ वाली एक आवासीय परियोजना में 206 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जाएगा, बुलंदशहर में 25.58 करोड़ की एक आवासीय परियोजना के तहत 174 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जाएगा।

प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद
इन परियोजनाओं में 4826.31 करोड़ के निवेश से प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है। निर्माण कार्य के दौरान प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। वहीं निर्माण सामग्री, इंजीनियरिंग सेवाओं, परिवहन, लाजिस्टिक्स और अन्य संबंधित क्षेत्रों की मांग में भी वृद्धि होगी।

यूपी रेरा के अध्यक्ष भूसरेड्डी ने कहा कि प्राधिकरण रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शी, प्रभावी और जवाबदेह नियामक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। समयबद्ध परियोजना मंजूरी और प्रभावी निगरानी से प्रमोटर व घर खरीदारों दोनों के लिए बेहतर और भरोसेमंद वातावरण तैयार हो रहा है।

 

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