एआई के जरिये जानेंगे भगवान श्रीकृष्ण और मध्यप्रदेश से जुड़े प्रसंग

रविवार 31 अगस्त को रविंद्र भवन में 'कृष्णायन' की प्रस्तुति

करूणाधाम आश्रम और नव प्रयास सांस्कृतिक एवं सामाजिक विकास समिति के संयुक्त तत्वावधान में रविवार 31 अगस्त को रविंद्र भवन में ‘कृष्णायन’ की प्रस्तुति हंसध्वनि सभागृह में संध्या 6:30 बजे से होगी।

आश्रम के पीठाधीश्वर गुरुदेव सुदेश शांडिल्य महाराज ने बताया कि कृष्णायन एक संगीतमय महागाथा में ‘सुनो वो, जो कभी कहा नहीं गया’ की प्रस्तुति होगी। राधाअष्टमी के पावन अवसर पर श्री कृष्ण और मध्यप्रदेश से जुड़ी संपूर्ण कथा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित दृश्यों के साथ मध्यप्रदेश से जुड़े अनकहे प्रसंगों और भावनात्मक संगीत से सजी एक प्रस्तुति होगी। मनसाधक मोहित शेवानी और लेखक प्रबुद्ध सौरभ की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है।

समिति के संरक्षक और विधायक भगवान दास सबनानी ने बताया कि नि:शुल्क प्रवेश पत्र प्राप्त करने के लिये करूणधाम आश्रम, नेहरू नगर या ई-45, 45 बंगला, बाणगंगा चौराहा से संपर्क किया जा सकता है।

मध्यप्रदेश और कृष्ण का सम्बन्ध बताएगा ‘कृष्णायन’

‘कृष्णायन’ के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण और मध्यप्रदेश के बीच के सम्बन्ध पर रोचक संगीतमय कथा सुनाई जाएगी। कृष्ण सनातन आस्था के आराध्य हैं। वे श्रीहरि विष्णु के दस अवतारों में से आठवें अवतार हैं। कृष्ण के भक्त उन्हें अलग-अलग रूप में पूजते हैं। कोई भगवान के रूप में, कोई माखनचोर के रूप में, कोई गोकुल रक्षक के रूप में, कोई सखा के रूप में तो कोई भगवद्गीता के ज्ञानोपदेशक के रूप में। जीवन के अलग-अलग आयु में उनके द्वारा की गई लीलाओं का वर्णन कथावाचक करते आए हैं। यदि एक वृहद पैमाने पर देखा जाए तो आमतौर पर कृष्ण को गोकुल कुरुक्षेत्र या द्वारका से सम्बद्ध बताया जाता है। लेकिन वर्तमान मध्यप्रदेश से कृष्ण का संबंध न केवल गहरा है बल्कि विस्तृत और व्यापक भी है।

पूर्व में इस विषय पर कम चर्चा हुई है लेकिन भोपाल के रहने वाले कलाकार मोहित शेवानी ने युवा संगीतज्ञों के साथ मिलकर एक ऐसा कार्यक्रम तैयार किया है जिसमें कृष्ण और मध्यप्रदेश के संबंध को विस्तार से बताया गया है। ‘कृष्णायन’ नाम का यह डेढ़ घंटे का कार्यक्रम आधुनिक तकनीक के साथ कथा वाचन करने का एक रोचक उदाहरण है। इस कार्यक्रम में जहां मोहित कृष्ण और मध्य प्रदेश के संबंधों की कथाएं सुनते हैं वहीं पर उनके साथ मौजूद युवा संगीतज्ञ इस प्रस्तुति को संगीत और गीतों से भरते हैं।

मोहित ने बताया कि उन्हें हमेशा से ऐसा लगता था कि यह बहुत महत्वपूर्ण विषय है जिस पर कम चर्चा हुई है और इसका आम जनमानस के पटल तक पहुंचना बहुत आवश्यक है। इसी सोच के साथ उन्होंने इस कार्यक्रम की संकल्पना की। मोहित इससे पहले ‘गाथा श्री राम मंदिर की’ नाम के एक कार्यक्रम के माध्यम से राम जन्मभूमि मंदिर के इतिहास की कहानी सुनाते आए हैं। ‘कृष्णायन’ का लेखन बॉलीवुड के पटकथा लेखक और गीतकार प्रबुद्ध सौरभ ने किया है।

विदित हो कि ‘गाथा श्री राम मंदिर की’ की पटकथा भी प्रबुद्ध ने ही लिखी थी। कृष्णायन का पहला मंचन मध्यप्रदेश विधानसभा के सभागार में पिछले दिनों किया गया। इस कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सहित सभी मंत्री और विधायक मौजूद थे।

इस कार्यक्रम का पहला भव्य और सार्वजनिक मंचन रविंद्र भवन में 31 अगस्त को किया जाएगा। इस कार्यक्रम में संगीत के साथ ए आई के नवीनतम तकनीक से बने हुए चलचित्र इस कथा-वाचन की रोचकता को कईओ गुना बढ़ाएंगे। कार्यक्रम में वह कौन सी रोचक गाथाएं होंगी, जो मध्यप्रदेश और कृष्ण के बीच के संबंध को उजागर करेगी इसका विस्तृत ब्यौरा तो नहीं मिला है लेकिन इसमें संदीपनी आश्रम की चर्चा अवश्य होगी, जहाँ श्रीकृष्ण ने अपनी शिक्षा पाई थी। साथ ही भगवान परशुराम द्वारा सुदर्शन चक्र भी श्रीकृष्ण को मध्यप्रदेश में ही प्राप्त हुई थी, ऐसी मान्यता है। इससे अधिक श्रीकृष्ण और मध्यप्रदेश के संबंध की जानकारी आम पटल पर मौजूद नहीं है। प्रस्तुतकर्ता मोहित शेवानी और लेखक प्रबुद्ध सौरभ ने शोध करके कौन-कौन सी कहानिययों के रंग इसमें भरे हैं, यह तो कार्यक्रम देखने के बाद ही पता चलेगा लेकिन इतना तय है कि यह कार्यक्रम रोचक और जानकारी भरा होने के साथ मध्य प्रदेश की गरिमा को एक नई ऊँचाई तक पहुंचाएगा।

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