इस वर्ष की प्रथम नेशनल लोक अदालत 14 मार्च को
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने प्रचार रथ को हरी झण्डी दिखाकर किया रवाना

मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष मनोज कुमार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में 14 मार्च 2026 को वर्ष 2026 की प्रथम नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन एवं लोक अदालत के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए प्रचार वाहनों को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार श्रीवास्तव ने जिला न्यायालय भोपाल से हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। प्रचार वाहनों के माध्यम से नेशनल लोक अदालत का प्रचार-प्रसार भोपाल के विभिन्न शहरी व सुदूरवर्ती ग्रामी में किया जाएगा।
इस अवसर पर प्रधान जिला न्यायाधीश तथा जिला व्यायाधीश संजय कुमार शाही, जिला न्यायाधीश संतोष कौल, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अग्नीन्ध कुमार द्विवेदी, सचिव/न्यायाधीश जिविसेप्रा सुनीत अग्रवाल, पुलिस उपायुक्त श्रद्धा तिवारी, डिप्टी कलेक्टर रत्नेश श्रीवास्तव, विद्युत विभाग से प्रदीप सिंह चौहान, जिला विधिक सहायता अधिकारी बी.एम. सिंह, जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष दीपक खरे, सचिव मनोज श्रीवास्तव तथा संघ के अन्य पदाधिकारीगण एवं पुलिस विभाग, प्रशासन, विद्युत विभाग एवं नगर निगम के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
लोक अदालत के लाभ
पक्षकारों के मध्य आपसी सद्भाव बढ़ता है, कटुता समाप्त होती है, समय, धन व श्रम की बचत होती है। कोई भी पक्षकार हारता नहीं है दोनों पक्षकारों की जीत होती है। लोक अदालत में प्रकरण का निराकरण होने से न्याय शुल्क वापस होता है। लोक अदालत का आदेश / निर्णय अंतिम होता है, लोक अदालत के आदेश के विरुद्ध अपील नहीं होती। लोक अदालत में निराकरण होने से पक्षकारों के मध्य विवाद हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है।





