लघुकथा शोध केंद्र ने पुस्तक पखवाड़े के आयोजन को दी वैश्विक पहचान- डॉ. विकास दवे

पुस्तक पखवाड़े के शुभंकर का आज हिंदी भवन के नरेश मेहता गोष्ठी कक्ष में लोकार्पित

पुस्तकों एवं पाठकों के बीच कृति केंद्रित विमर्श एक सेतु का कार्य करता है। लघु कथा शोध केंद्र समिति भोपाल द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित किये जाने वाले पुस्तक पखवाड़े में देश और प्रदेश ही नहीं विदेशों में बसे हिंदी सेवियों की कृतियों पर विमर्श किया जाता है। इस आयोजन को अंतर्राष्ट्रीय बना दिया गया है। यह उदगार हैं डॉ. विकास दवे, निदेशक साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश के जो लघुकथा शोध केंद्र समिति द्वारा आगामी एक से 18 जनवरी 2026 तक आयोजित किये जाने वाले पुस्तक पखवाड़े के शुभंकर (लोगो) का आज हिंदी भवन के नरेश मेहता गोष्ठी कक्ष में लोकार्पण कर रहे थे।

इस अवसर पर डॉ. नुसरत मेहदी, निदेशक उर्दू अकादमी मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद ने लघुकथा शोध केंद्र द्वारा समय-समय पर लघुकथा उन्नयन के लिए किये जा रहे विविध नवाचारों की सराहना करते हुए केंद्र के साथ मिलकर कार्य करने का आश्वासन दिया।
केंद्र की निदेशक कांता रॉय ने आगामी आयोजन की रुपरेखा पर विस्तार से जानकारी प्रस्तुत की। कार्यकम का संचालन केंद्र के महासचिव घनश्याम मैथिल अमृत ने किया। इस आयोजन के दूसरे चरण में एक लघुकथा गोष्ठी हुईं, जिसमें गोकुल सोनी, चरणजीत सिंह कुकरेजा, विनोद कुमार जैन, मेघा मैथिल, मृदुल त्यागी, सरिता बाघेला, मुजफ्फर इकबाल सिद्दीकी, राजकुमार बरुआ, घनश्याम मैथिल, कांता रॉय, मनमोहन चैरे, सरोज लता दवे, मधुलिका सक्सेना, शेफालिका श्रीवास्तव, डॉ. गिरजेश सक्सेना, सुनीता प्रकाश, ज्योति करनजगाँवकर ने अपनी अपनी श्रेष्ठ लघुकथाओं का पाठ किया। मुजफ्फर इकबाल सिद्दीकी ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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