भाजपा में सख्ती:पति के साथ भाजपा दफ्तर पहुंचीं सागर महापौर, नोटिस का दिया जवाब

अनुशासनहीनता के मामले में भाजपा की ओर से पार्टी नेताओं पर कार्रवाई जारी है। प्रदेश नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि अनुशासनहीनता, सरकार या मंत्रियों पर बेतुकी बयानबाजी, और संगठन की सहमति के बिना निर्णय लेना बर्दाश्त नहीं होगा। शनिवार को दो विधायकों को तलब किए जाने के बाद रविवार को सागर महापौर संगीता तिवारी भी संगठन को अपनी सफाई देने पहुंचीं।
प्रदेश संगठन की अनुमति के बिना मेयर इन काउंसिल में बदलाव पर महापौर संगीता तिवारी ने लिखित माफी मांगी है और भविष्य में ऐसी गलती न करने की बात कही है। तिवारी ने जवाब में कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि एमआईसी में बदलाव के लिए प्रदेश नेतृत्व की अनुमति जरूरी है। इसलिए अनजाने में यह निर्णय लिया।
मेयर इन काउंसिल में बदलाव का फैसला काउंसिल के अन्य सदस्यों से चर्चा के बाद लिया था। बदली गई सदस्य आशारानी जैन बुजुर्ग और बीमार होने के कारण लगातार एमआईसी के निरीक्षणों में नहीं आ रही थीं, इसलिए उनके स्थान पर परिषद के सचेतक और जनसंघ से जुड़े वरिष्ठ पार्षद शैलेंद्र ठाकुर को एमआईसी में शामिल किया गया है। 26 अप्रैल को पार्टी के बुलावे पर भी भोपाल नहीं आने पर तिवारी ने जवाब दिया है कि वे शनिवार को पुणे में थीं। समधन के बीमार होने पर उन्हें देखने गई थीं, इस कारण भोपाल नहीं आ सकीं।
गौरतलब है कि शनिवार को ही भाजपा के प्रदेश कार्यालय प्रभारी भगवानदास सबनानी ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा के निर्देश पर संगीता तिवारी को अनुशासनहीनता की कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसी के बाद महापौर तिवारी और उनके पति भाजपा नेता सुशील तिवारी प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे थे। दोनों ने प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद और प्रदेश कार्यालय प्रभारी भगवान दास सबनानी से मिलकर अपनी बात रखी।
फटकार के बाद विधायकों ने साधी चुप्पी
पार्टी संगठन से मिली फटकार के बाद मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल और पिछोर विधायक प्रीतम लोधी ने अब चुप्पी साध ली है। दोनों विधायक शनिवार को सीएम डॉ. मोहन यादव, प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद और प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह से मिले थे। प्रदीप पटेल बार-बार थानों में धरने देने और धमकी भरे बयानों के कारण पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहे थे। वहीं प्रीतम लोधी ने ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर को लट्टू मंत्री कहकर कांग्रेस के फुंके बल्बों को रोशन करने की बात कहकर तंज कसा था। तोमर ने इसकी शिकायत पार्टी से की थी।
सागर, देवास और बीना में किए थे बदलाव
भाजपा सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि जहां भी नगरीय निकायों में पार्टी संगठन की मंजूरी के बिना बदलाव किए गए हैं, उन्हें रिवर्ट किया जाएगा। इसमें सागर नगर निगम के अलावा देवास नगर निगम और बीना नगर पालिका भी शामिल हैं। देवास महापौर गीता दुर्गेश अग्रवाल ने भी दो पुरुष पार्षदों को एमआईसी से बाहर कर दो महिला पार्षदों को सदस्य बना दिया है। जबकि बीना नगर पालिका अध्यक्ष लता सकवार ने भी प्रेसिडेंट इन काउंसिल (पीआईसी) में अपनी मर्जी से दो सदस्यों को हटाकर दूसरे सदस्य नियुक्त कर दिए हैं।





