मध्य प्रदेश के लिए खाद्यान्न खरीद सुधारों पर छठी राज्य-स्तरीय कार्यशाला भोपाल में आयोजित

उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अंतर्गत खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग (DFPD), भारत सरकार ने दिनांक 25.08.2025 (सोमवार) को भोपाल में मध्य प्रदेश के लिए खाद्यान्न खरीद सुधारों पर छठी राज्य-स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला का उद्घाटन खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग की अपर सचिव एवं वित्त सलाहकार द्वारा किया गया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश शासन के अतिरिक्त मुख्य सचिव, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, संयुक्त सचिव, डीएफपीडी, भारतीय खाद्य निगम के वरिष्ठ अधिकारी, खाद्य आयुक्त, मध्य प्रदेश तथा राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
अपर सचिव एवं वित्त सलाहकार, डीएफपीडी ने अपने संबोधन में कहा कि इन कार्यशालाओं का मुख्य उद्देश्य विभिन्न पोर्टल्स और डिजिटल प्रणालियों को एकीकृत कर एकल मंच पर लाना है, ताकि खाद्यान्न खरीद प्रणाली में अधिक पारदर्शि और दक्षता लाई जा सके तथा विभिन्न हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो।
मध्य प्रदेश शासन की अतिरिक्त मुख्य सचिव, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, सुश्री रश्मि अरुण शमी ने भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन कार्यशालाओं से राज्यों को बड़ी सहायता मिल रही है क्योंकि खाद्यान्न खरीद का महत्व निरंतर बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में अनेक जटिलताएं होती हैं, इसलिए केंद्र एवं राज्य सरकारों के बीच समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि अब तक राज्य में 77.71 लाख मीट्रिक टन गेहूं की सफलतापूर्वक खरीद केंद्र और राज्य के बेहतर तालमेल से संभव हुई है।
इस कार्यशाला में मध्य प्रदेश के लगभग 180 अधिकारी शामिल हुए, जिनमें राज्य एवं जिला-स्तरीय क्रय एजेंसियों के प्रबंध निदेशक और अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन (MPSCSC), मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन (MPWLC), मार्कफेड (MARKFED) सहित अन्य एजेंसियों के अधिकारी शामिल थे। कार्यशाला में क्षमता-विकास, ज्ञान-साझाकरण एवं खाद्यान्न खरीद से जुड़े नीतिगत एवं डिजिटल सुधारों पर व्यावहारिक जानकारी दी गई।
यह कार्यशाला भारत सरकार द्वारा 18 प्रमुख क्रय करने वाले राज्यों के लिए आयोजित की जा रही श्रृंखला का हिस्सा है। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य खाद्यान्न खरीद में पारदर्शिता, दक्षता एवं डिजिटल एकीकरण को बढ़ावा देना था। इसमें पीसीएसएपी (PCSAP), सीएफपीपी (CFPP), सीएफएसपी (CFSP), एग्री-स्टैक (Agri-Stack), स्कैन मॉड्यूल (SCAN Mdule) और अन्य नीति सुधारों जैसे प्रमुख पहलों पर चर्चा की गई।
इस श्रृंखला की पहली कार्यशाला 7 अगस्त 2025 को चेन्नई (तमिलनाडु) में आयोजित हुई थी। इसके बाद दूसरी कार्यशाला रायपुर (छत्तीसगढ़) में 13 अगस्त को, तीसरी और चौथी कार्यशालाएं क्रमशः चंडीगढ़ (पंजाब हेतु) 18 अगस्त को और हरियाणा, जम्मू-कश्मीर व हिमाचल प्रदेश हेतु 19 अगस्त को आयोजित हुईं। पांचवीं कार्यशाला 22 अगस्त को लखनऊ (उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड) में संपन्न हुई थी।





