भोपाल में सड़क धंसने पर PWD की रिपोर्ट:नाले पर पुलिया नहीं बनाई, उसे कर दिया अंडरग्राउंड

भोपाल के एमपी नगर में सड़क धंसने पर पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर संजय मस्के ने अपनी रिपोर्ट दी है। जिसमें कहा गया कि एमपी नगर की बसाहट के दौरान करीब 50 साल पहले पत्थरों की दीवार का नाला बना था। उस समय इसके ऊपर पुलिया नहीं बनाई गई, बल्कि उसे अंडरग्राउंड कर दिया गया। कुछ साल पहले निगम ने नाले के ऊपर ही पब्लिक टॉयलेट बना दिया। सफाई नहीं होने और पानी के प्रेशर के कारण सड़क धंस गई।

चीफ इंजीनियर मस्के ने बताया, सड़क की मरम्मत शुरू कर दी गई है। अगले 48 घंटे यानी, शनिवार तक नाले पर निर्माण पूरा कर देंगे। अंदर लोहे के बड़े एंगल से सेंटरिंग की जा रही है। ताकि, मजबूती मिल सके। ऊपर से सीमेंट क्रांकीट का स्लैब डाला जाएगा। बाद में इस सेंटरिंग को नहीं निकालेंगे।

2002 में पीडब्ल्यू को सौंपा था नाला चीफ इंजीनियर मस्के ने बताया, यह नाला लोक निर्माण विभाग संधारण संभाग क्रमांक-2 भोपाल के अंतर्गत आता है। इसका निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन (सीपीए) ने किया था। जिसे साल 2002 में पीडब्ल्यूडी को हस्तांतरित कर दिया था।

मार्ग के बाईं ओर ज्योति टॉकीज के पास स्थित लगभग 50 वर्ष पुराना पत्थर की दीवारों से निर्मित और अंडरग्राउंड नाला है। समय के साथ इस नाले के दोनों छोरों को नगर निगम ने कवर कर दिया। वहीं, अपस्ट्रीम हिस्से पर एक सार्वजनिक सुलभ शौचालय का निर्माण भी कर दिया गया है। इस कारण नाले की न तो सफाई हो सकी और न ही निरीक्षण हो सका। हर साल बारिश में यह नाला सफाई से रह जाता, जबकि निगम का फोकस अन्य नालों पर रहता है।

कई इलाकों का आता है पानी यह नाला एमपी नगर जोन-1 से जोन-2 की ओर जल निकासी के लिए बना है। इसके अपस्ट्रीम की ओर बाईं दिशा से जुड़ी एक छोटी नाली का पानी भी इसी मुख्य नाले से आता है। दीवार पर दबाव बढ़ने के कारण उसकी संरचना प्रभावित हुई और मार्ग के एक हिस्से में गड्ढा बन गया।

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