हिंदी से एमबीबीएस ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों के लिए नई राह खोलने वाला साबित हो रहा है: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

हिंदी माध्यम से एमबीबीएस प्रथम वर्ष उत्तीर्ण करने वाली छात्रा कु. चेतना झरिया को दी शुभकामनाएँ

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि हिंदी माध्यम से एमबीबीएस की पढ़ाई का निर्णय प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए नई राह खोलने वाला साबित हुआ है। ग्रामीण एवं अंचल स्तर के मेधावी छात्र-छात्राओं को भी सहजता से डॉक्टर बनने का अवसर मिलेगा। हिंदी में गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री तैयार की गई है और कक्षाओं में अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी का भी समान महत्व सुनिश्चित किया गया है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल से नेताजी सुभाष चंद्र बोस चिकित्सा महाविद्यालय, जबलपुर की छात्रा कु. चेतना झरिया ने शिष्टाचार भेंट की। कु. चेतना झारिया ने हिंदी माध्यम से पढ़ाई कर एमबीबीएस प्रथम वर्ष की परीक्षा सफलता पूर्वक उत्तीर्ण की है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा के इतिहास में महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कु. चेतना झरिया को हार्दिक बधाई और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि शासन द्वारा लिए गए इस ऐतिहासिक निर्णय के सुखद परिणाम अब सामने आ रहे हैं। इससे यह प्रमाणित हो गया है कि भाषा कभी भी प्रगति और सफलता में बाधा नहीं बनती। प्रदेश में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं हिंदी माध्यम से स्कूली शिक्षा प्राप्त करते हैं। पहले अंग्रेजी माध्यम में चिकित्सा शिक्षा होने के कारण वे हतोत्साहित महसूस करते थे। राज्य शासन ने उनकी इस कठिनाई को दूर करने के लिए वर्ष 2022 में हिंदी माध्यम से एमबीबीएस की पढ़ाई प्रारंभ करने का निर्णय लिया था। अब इसके सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने चिकित्सा शिक्षा हिंदी माध्यम में प्रारंभ करने का ऐतिहासिक कदम उठाया। आज इसकी सफलता अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रही है।

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