आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर का किया दौरा

स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव एवं भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने आईसीएमआर–भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बीएमएचआरसी) का दौरा किया।
उन्होंने सबसे पहले भोपाल गैस त्रासदी में दिवंगत नागरिकों की स्मृति में निर्मित स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और पौधारोपण किया। इसके बाद अस्पताल परिसर एवं स्वास्थ्य केंद्र क्रमांक–7 का निरीक्षण किया।
दौरे के दौरान आईसीएमआर की अतिरिक्त महानिदेशक डॉ. संघमित्रा पति, बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव, वरिष्ठ चिकित्सक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

तीन नई उन्नत चिकित्सा सुविधाओं का उद्घाटन डॉ. बहल ने बीएमएचआरसी में स्थापित तीन नवीन तकनीकों का लोकार्पण किया
इस लैब की मदद से ब्लड सेंटर में सभी रक्त यूनिट्स की जाँच NAAT (Nucleic Acid Amplification Testing) Lab तकनीक से अनिवार्यतः की जाएगी। यह आधुनिक परीक्षण एचआईवी, हेपेटाइटिस–बी और हेपेटाइटिस–सी जैसे संक्रमणों की पहचान अत्यंत शुरुआती अवस्था (विंडो पीरियड) में भी कर सकता है, जो पारंपरिक परीक्षणों से संभव नहीं होता। इससे संक्रमित रक्त उपयोग की संभावना लगभग समाप्त हो जाती है। यह सुविधा विशेष रूप से थैलेसीमिया, कैंसर तथा बार-बार रक्त आधान कराने वाले मरीजों के लिए अत्यंत सुरक्षित साबित होगी।

Body Plethysmography Machine मशीन फेफड़ों की क्षमता, अवरोध और कार्यप्रणाली को अत्यंत सटीकता से मापती है। यह गहरी सांस लेने के बाद फेफड़ों में मौजूद कुल वायु मात्रा तथा सांस छोड़ने के बाद बचे अवशिष्ट वायु को भी मापती है। इससे डॉक्टरों को फेफड़ों की वास्तविक स्थिति का सटीक आकलन होता है और मरीज के उपचार की बेहतर योजना बनती है। Integrated Biochemistry & Immunoassay Analyzer मशीन हार्मोन जांच, कैंसर मार्कर, संक्रमण संकेतक तथा अन्य बायोकेमिस्ट्री परीक्षणों को अत्यधिक गति से पूरा करता है। इससे गंभीर मामलों में उपचार निर्णय में तेजी आएगी तथा मरीजों की बाहरी लैब पर निर्भरता समाप्त होगी।

डॉ. बहल ने बीएमएचआरसी की 25 वर्ष की यात्रा एवं उपलब्धियों पर आधारित डॉक्यूमेंट्री का विमोचन किया। उन्होंने चिकित्सकों और शोधकर्ताओं से संवाद किया तथा कहा कि आईसीएमआर गैस त्रासदी प्रभावित मरीजों को उच्चस्तरीय, गुणवत्तापूर्ण उपचार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने उपचार के साथ-साथ अनुसंधान को भी समान प्राथमिकता दिए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। डॉ. बहल ने संस्थान के वैज्ञानिक वातावरण को और सुदृढ़ बनाने के लिए फैकल्टी सदस्यों से सुझाव आमंत्रित किए और भविष्य में अनुसंधान को अधिक गति देने का आश्वासन दिया।

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