ट्रेडिंग के नाम पर निवेशकों से धोखाधड़ी:ठगी के दो बैंक खाते और मिले, इनमें 117 करोड़ रुपए का लेन-देन

ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर देशभर में निवेशकों से ठगी करने वाले गैंग का जाल लगातार बड़ा होता जा रहा है। मध्य प्रदेश एसटीएफ को तकनीकी जांच में अब दो और बैंक खाते मिले हैं, जिनमें 117 करोड़ रुपए से ज्यादा की लेनदेन का पता चला है। ये खाते छह अलग-अलग कंपनियों के नाम पर खोले गए थे। इससे पहले एसटीएफ को 16 खातों के जरिये 2,283 करोड़ रुपए की ठगी का पता चला था।
नए दो खातों के जुड़ने से अब कुल आंकड़ा 2,400 करोड़ के करीब पहुंच गया है। यह रकम लोगों से 6 से 8 प्रतिशत मासिक ब्याज के लालच में ऐंठी गई थी। एसटीएफ को आशंका है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी और नए बैंक खाते सामने आएंगे, ठगी की रकम और ज्यादा हो सकती है।
एसटीएफ ने हाल ही में दिल्ली से दो आरोपियों दीपक शर्मा और मदन मोहन कुमार को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में सामने आया कि गिरोह का मास्टरमाइंड दुबई में छिपा हुआ है। उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
गिरोह निवेशकों को हर साल 72% तक ब्याज का झांसा देता था। उनकी प्रोफाइल कंपनी के एआई-बेस्ड सॉफ्टवेयर पर दिखाई जाती थी, जिसमें मुनाफा लगातार बढ़ता नजर आता था, लेकिन निवेशक इसे विड्रॉ नहीं कर पाते थे।
ठगी की रकम अब 2400 करोड़, एसआईटी को जांच ठगी की रकम बढ़ते दायरे को देखते हुए विशेष डीजी पंकज श्रीवास्तव ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी है। शुरुआती जांच में एसआईटी उन खाताधारकों से पूछताछ करेगी, जिनके खातों में कंपनी की तरफ से 5 से 10 लाख रुपए तक ट्रांसफर किए गए हैं। इसकी स्क्रूटनी शुरू हो चुकी है।





