भोपाल स्मारक अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र में सड़क सुरक्षा एवं यातायात जागरूकता पर कार्यशाला का हुआ आयोजन

भोपाल स्मारक अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (बीएमएचआरसी), भोपाल में आज सड़क सुरक्षा एवं यातायात जागरूकता विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अस्पताल के कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करना तथा सुरक्षित यातायात व्यवहार को प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जीतेन्द्र सिंह पंवार (आई.पी.एस.), डीसीपी (यातायात) भोपाल एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में देवेन्द्र सिंह यादव, एसीपी (यातायात), भोपाल उपस्थित रहे। बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। सम्मानित अतिथियों में बीएमएचआरसी के बीएमएचआरसी के प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ अनुराग यादव, सुरक्षा अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल (सेवानिवृत्त) राहुल तिवारी, निशातपुरा थाना प्रभारी मनोज पटवा तथा यातायात प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के प्रभारी गिरीश सारस्वत उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए डीसीपी पंवार ने कहा कि भारत में सर्वाधिक मृत्यु सड़क दुर्घटनाओं के कारण होती है। इसका प्रमुख कारण यातायात नियमों की जानकारी का अभाव तथा उनका उल्लंघन है। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जनजागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यातायात पुलिस पिछले कई वर्षों से स्कूलों, कॉलेजों, कार्यालयों और अन्य संस्थानों में जागरूकता अभियान चला रही है, जिसका सकारात्मक प्रभाव दिखाई भी दे रहा है।
डीसीपी पंवार ने कहा कि बीते 15 वर्षों में शहर का यातायात लगभग दस गुना बढ़ गया है। जनसंख्या और वाहनों की संख्या में वृद्धि हुई है, जबकि सड़कों का विस्तार उसी अनुपात में नहीं हुआ है। ऐसे में यातायात प्रबंधन पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है, जिसमें नागरिकों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।
एसीपी (यातायात) देवेन्द्र सिंह यादव ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले लगभग 90 प्रतिशत लोगों की आयु 20 से 45 वर्ष के बीच होती है। खतरनाक ओवरटेकिंग और तेज गति से वाहन चलाना दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण हैं। वाहन चलाने से पूर्व टायरों की हवा और ब्रेक की स्थिति की जांच अवश्य करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सड़क पर वाहन चलाते समय अहंकार से बचना चाहिए और संयमित व्यवहार अपनाना चाहिए। एसीपी (यातायात) देवेन्द्र सिंह ने कहा कि दुर्घटना की स्थिति में घायल व्यक्ति को बिना भय के तुरंत अस्पताल पहुंचाना चाहिए। सरकार द्वारा ‘राह-वीर योजना’ संचालित की जा रही है, जिसके तहत सड़क दुर्घटना में घायल की सहायता करने वाले व्यक्ति को 25 हजार रुपये का प्रोत्साहन प्रदान किया जाता है।
बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने कहा कि यातायात नियम नागरिकों की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं और हम सभी का दायित्व है कि उनका पालन करें। उन्होंने कहा कि बीएमएचआरसी के कर्मचारियों और विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। कार्यक्रम की आयोजन समिति के डॉ सौरभ दीक्षित, देवेंद्र सिंह, विनीत शर्मा, सुशील सिंह, हेमंत पांडे सहित अनेक लोग शामिल हुए।

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