बुआ-भतीजे की जोड़ी से बढ़ेगी BJP की टेंशन? ममता-अभिषेक का राष्ट्रीय प्लान तैयार

कोलकाता
पश्चिम बंगाल में चुनाव अभियान तेज हो गया है। भाजपा और टीएमसी दोनों ने ही अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। आमतौर पर भाजपा उम्मीदवारों के चयन में देरी करती रही है, लेकिन इस बार उसने चुनाव का शेड्यूल आते ही कैंडिडेट्स घोषित कर दिए हैं। वहीं टीएमसी ने भी 291 उम्मीदवारों की पूरी लिस्ट जारी कर दी है और तीन सीटें गठबंधन साथी को दी हैं। इसके अलावा ममता बनर्जी की पार्टी ने चुनाव अभियान में भी तेजी लाने का फैसला लिया है। इसके तहत ममता बनर्जी खुद उत्तर बंगाल की कमान संभालेंगी, जबकि उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी साउथ बंगाल में कैंपेन को आगे बढ़ाएंगे।
ममता बनर्जी 24 मार्च यानी आज से ही उत्तर बंगाल में कैंपेन शुरू करने जा रही हैं। उनके भतीजे और पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी साउथ बंगाल के जिलों पर फोकस करते हुए प्रचार पर निकलेंगे। टीएमसी के सूत्रों का कहना है कि उत्तर बंगाल में भाजपा मजबूत है। ऐसे में सीएम खुद चाहती है कि वह उन इलाकों पर फोकस करते हुए कैंपेन करें। एक सीनियर नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री खुद अलीपुरद्वार से प्रचार आगे बढ़ाएंगी। इससे स्पष्ट है कि वह उत्तर बंगाल में भाजपा की चुनौती को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं। अलीपुरद्वार के परेड ग्राउंड में ममता बनर्जी एक रैली को संबोधित करेंगी। इसके बाद फिर दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी में वह 25 तारीख को बैठकें करनी वाली हैं।
इन इलाकों के अलावा फुलबारी और नक्सलबारी में भी वह प्रचार करेंगी। यही नहीं 26 मार्च को भी ममता बनर्जी का पुरुलिया, बांकुरा, बीरभूम, पश्चिम बर्धमान इलाकों में भी वह कैंपेन करेंगी। इसके बाद ही वह दक्षिण के इलाकों में जाएंगी। मुख्य तौर पर साउथ बंगाल की जिम्मेदारी अभिषेक बनर्जी को ही दी गई है। परंपरागत रूप से भाजपा नॉर्थ बंगाल में मजबूत मानी जाती रही है। इस बार ममता बनर्जी की कोशिश है कि उसके इसी गढ़ को टारगेट किया जाए। यही कारण है कि वह खुद यहां की कमान संभाल रही हैं और भतीजे अभिषेक को साउथ की कमान दी गई है। 2019 के लोकसभा चुनाव में नॉर्थ बंगाल से भाजपा ने कई सीटें जीती थीं और 2021 के विधानसभा चुनाव में भी वह यहां मजबूत थी।
इस बीच भाजपा की कोशिशें भी कम नहीं हैं। नए बने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भी य़हां पहुंच रहे हैं। सिलीगुड़ी और दुर्गापुर में वह बैठकें करने वाले हैं। इस बैठक में बंगाल के प्रभारी सुनील बंसल और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव भी मौजूद रहेंगे। इस बैठक में आसपास के जिलों के नेताओं, प्रत्याशियों और अन्य महत्वपूर्ण लोगों को बुलाया गया है। भाजपा की रणनीति यह है कि गली-गली में घूमकर कैंपेन किया जाए। बड़े नेताओं को भी जमीनी प्रचार में उतारा जाए। बूथ लेवल मैनेजमेंट और केंद्रीय योजनाओं के प्रचार पर फिलहाल ज्यादा फोकस किया जा रहा है।





