ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज बचाने उतरेगा भारत, बल्लेबाजी में सुधार सबसे बड़ी चुनौती

होबार्ट
मौजूदा विश्व चैंपियन भारत को पहले मैच में बुरी तरह हारने के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैच की वनडे श्रृंखला को अगर जीवंत रखना है तो उसे शुक्रवार को यहां होने वाले दूसरे महिला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में बल्लेबाजी में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
टी20 श्रृंखला 2-1 से जीतने के बाद भारतीय टीम वनडे श्रृंखला की अच्छी शुरुआत नहीं कर पाई और ब्रिस्बेन में खेले गए पहले मैच में छह विकेट से हार गई। भारतीय महिला टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कभी भी द्विपक्षीय वनडे श्रृंखला नहीं जीती है।
इस प्रारूप में इन दोनों देशों के बीच खेली गई श्रृंखलाओं में ऑस्ट्रेलिया का दबदबा रहा है। दोनों टीमों के बीच अभी तक 11 द्विपक्षीय वनडे श्रृंखला खेली गई हैं जिनमें सभी में ऑस्ट्रेलिया ने जीत हासिल की। इनमें 2024 में 3-0 से और सितंबर 2025 में 2-1 से जीत भी शामिल है।
लेकिन भारत 2025 में महिला वनडे विश्व कप के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया पर मिली पांच विकेट की जीत से प्रेरणा लेने की कोशिश करेगा। वर्तमान श्रृंखला के पहले मैच में भारतीय बल्लेबाज ऑस्ट्रेलिया की चुनौती का सामना करने में नाकाम रहे और पूरी टीम केवल 214 रन पर आउट हो गई।
उप-कप्तान स्मृति मंधाना (58), कप्तान हरमनप्रीत कौर (53) और कासवी गौतम (43) को छोड़कर कोई भी अन्य भारतीय बल्लेबाज बड़ी पारियां नहीं खेल सका। वे ऑस्ट्रेलिया की अनुशासित गेंदबाजी के सामने संघर्ष करते हुए नजर आए।
प्रतिका रावल पारी की शुरुआत करते हुए खाता भी नहीं खोल पाई। शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स और दीप्ति शर्मा भी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरीं। भारत को शुक्रवार को इन चारों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। बड़े शॉट लगाने में माहिर विकेटकीपर ऋचा घोष को भी संघर्ष करना पड़ा और वह केवल 23 रन ही बना सकी। टीम को उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
गेंदबाजों में बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने अपने नौ ओवर में 41 रन देकर दो विकेट लिए लेकिन उन्हें बीच के ओवरों में दीप्ति शर्मा और कासवी जैसी गेंदबाजों से मदद की जरूरत है। लेकिन शुरुआती ओवरों में विरोधी टीम को नुकसान पहुंचाने की जिम्मेदारी तेज गेंदबाज रेणुका सिंह और क्रांति गौड़ पर होगी, जो पहले मैच में असफल रहीं। भारतीय टीम प्रबंधन ऑलराउंडर अमनजोत कौर और स्नेह राणा को टीम में शामिल करने पर भी विचार कर सकता है। भारत की सीनियर ऑलराउंडर दीप्ति को उम्मीद है कि टीम दूसरे वनडे में वापसी करके श्रृंखला बराबर करने में सफल रहेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने एक टीम के रूप में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन परिणाम हमारे अनुकूल नहीं रहा। हम अगले मैच में मजबूत वापसी करेंगे। हम इसके बारे में ज्यादा नहीं सोच रहे हैं और अपने मजबूत पक्षों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।’’
दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया की निगाह दूसरे मैच में ही श्रृंखला अपना नाम करके कप्तान एलिसा हीली को शानदार विदाई देने पर होगी। हीली अपनी आखिरी अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला में खेल रही हैं। उन्होंने पिछले मैच में अर्धशतक लगाया था।
हीली और फोबे लिचफील्ड ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए पहले विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी की और वे इसी लय को जारी रखना चाहेंगी। ऑस्ट्रेलिया के लिए लक्ष्य का पीछा करना बेहद आसान रहा। बेथ मूनी (76) और एनाबेल सदरलैंड (48 नाबाद) ने चौथे विकेट के लिए 85 रन की साझेदारी करके टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया था।
ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी भी शानदार रही है, जिसमें मेगन शट, एशले गार्डनर, अलाना किंग, ताहिला मैकग्रा और सोफी मोलिनक्स सभी ने किफायती गेंदबाजी करते हुए विकेट भी हासिल किए।
इन दोनों टीम के बीच वनडे श्रृंखला के बाद पर्थ में एक दिन रात्रि टेस्ट मैच खेला जाएगा। इन तीनों प्रारूप के प्रदर्शन को मिलाकर श्रृंखला की ट्रॉफी का फैसला अंकों के आधार पर किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक टी20 और 50 ओवर की जीत के लिए दो अंक और टेस्ट में जीत के लिए चार अंक होंगे।
टीम इस प्रकार हैं:
भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), शेफाली वर्मा, रेणुका ठाकुर, श्री चरणी, वैष्णवी शर्मा, क्रांति गौड़, स्नेह राणा, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), उमा छेत्री (विकेटकीपर), अमनजोत कौर, जेमिमा रोड्रिग्स, काशवी गौतम, हरलीन देयोल, प्रतिका रावल।
ऑस्ट्रेलिया: एलिसा हीली (कप्तान), सोफी मोलिनी (उप-कप्तान), डार्सी ब्राउन, निकोला कैरी, एशले गार्डनर, किम गार्थ, अलाना किंग, फोबे लिट्चफील्ड, बेथ मूनी, ताहलिया मैकग्रा, एलिस पेरी, एनाबेल सदरलैंड, जॉर्जिया वोल, जॉर्जिया वेयरहैम।
मैच सुबह 9.20 बजे शुरू होगा।





