धूलकोट में भगोरिया हाट की धूम, पारंपरिक वेशभूषा और ढोल-मांडल की थाप पर थिरके युवा

धूलकोट 

जिले के धूलकोट में  आदिवासी लोक संस्कृति के प्रमुख पर्व भगोरिया हाट का आयोजन उत्साह और उल्लास के साथ किया गया। मेले में आसपास के ग्रामीण अंचलों से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के महिला-पुरुष, युवा और बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में सजे-धजे पहुंचे। रंग-बिरंगे परिधानों और पारंपरिक आभूषणों से सुसज्जित युवक-युवतियों की छटा देखते ही बन रही थी। कई युवा और बालिकाएं एक समान वेशभूषा में समूह बनाकर मेले की रौनक बढ़ाते नजर आए। 

मेले में खानपान की दुकानों पर भी अच्छी-खासी भीड़ रही। जलेबी, गुड़, सेव, भजिया सहित पारंपरिक व्यंजनों का लोगों ने परिवार सहित आनंद लिया। वहीं कुल्फी, लस्सी और बर्फ के गोले का स्वाद लेते युवाओं की टोलियां खासा उत्साहित दिखीं। परिवार और मित्रों के साथ पहुंचे लोगों ने मेले के पलों को मोबाइल कैमरों में कैद किया और जमकर सेल्फी ली।

होली पर्व को ध्यान में रखते हुए हार, कंकण, खजूर, चना और रंग-गुलाल की दुकानों पर भी खरीदारों की भीड़ उमड़ी। महिलाओं ने पारंपरिक आभूषणों की खरीदारी की, जबकि बच्चों ने खिलौनों की दुकानों पर मोलभाव किया। मेले में मिकी माउस झूला, आकाश झूला, जहाज झूला और जंपिंग झूलों का बच्चों व युवाओं ने भरपूर आनंद उठाया। कई बालिकाएं हाथों में अपना नाम गुदवाती नजर आईं, वहीं परिवारों ने फोटो स्टूडियो में समूह फोटो खिंचवाकर इस दिन को यादगार बनाया।

मादल और ढोल-मांडल की थाप पर बच्चे, युवा, बुजुर्ग और महिलाएं पारंपरिक नृत्य में थिरकते दिखाई दिए। पूरे हाट परिसर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। समाजजनों ने एक-दूसरे को भगोरिया हाट और होली पर्व की शुभकामनाएं दीं। उल्लेखनीय है कि गुरुवार को सतपुड़ा के वनांचल ग्राम काबरी में भी भगोरिया हाट का आयोजन होगा, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों के पहुंचने की संभावना है। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button