भोपाल में वैलेंटाइन डे पर चिनार पार्क के बाहर नारेबाजी, लट्ठबंद कार्यकर्ताओं और पुलिस तैनाती

भोपाल
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में वैलेंटाइन-डे के मौके पर शुक्रवार को हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ता हाथों में लट्ठ (डंडे) लेकर सड़कों पर उतर आए. चिनार पार्क के बाहर जमा हुए इन कार्यकर्ताओं ने न केवल नारेबाजी की, बल्कि सार्वजनिक स्थलों पर 'मर्यादा' का उल्लंघन करने वाले जोड़ों का 'मुंडन' करने की सीधी चेतावनी भी दे डाली.

प्रशासन की सतर्कता

स्थिति को देखते हुए शहर के प्रमुख पार्कों, मॉल और सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। पुलिस ने कहा कि शांति व्यवस्था भंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। अधिकारियों ने नागरिकों से भी अपील की कि वे किसी भी तरह के विवाद से बचें और कानून का पालन करें।

पार्क के बाहर पुलिस तैनात

स्थिति को देखते हुए पार्क के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था की गई है और किसी भी तरह की अवैध या हिंसक कार्रवाई की अनुमति नहीं दी जाएगी।

गौरतलब है कि वैलेंटाइन डे को लेकर शहर में विभिन्न संगठनों की ओर से विरोध दर्ज कराया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थलों पर शांति भंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बजरंग दल की चेतावनी: मुंह काला करेंगे

राष्ट्रीय बजरंग दल ने सार्वजनिक रूप से सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि वैलेंटाइन डे के नाम पर किसी भी तरह की अश्लीलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रांत मंत्री राकेश प्रजापति ने तीखे शब्दों में कहा कि यदि कोई युवक-युवती सार्वजनिक स्थानों पर आपत्तिजनक स्थिति में मिले, “बाबू-सोना” करते दिखाई दें, तो उनका सिर मुंडवाकर मुंह काला किया जाएगा और सड़कों पर जुलूस निकाला जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि जहां कहीं भी अश्लीलता करते पाए गए, वहां “शरीर का कोना-कोना तोड़ देंगे।” संगठन का आरोप है कि वैलेंटाइन डे के बहाने शहर में योजनाबद्ध तरीके से अशोभनीय गतिविधियां बढ़ाई जाती हैं, जिसका राष्ट्रीय बजरंग दल विरोध करेगा। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

15 निगरानी दस्ते गठित

वैलेंटाइन डे पर अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल ने पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव का विरोध करते हुए सख्त रुख अपनाया है। वहीं संस्कृति बचाओ मंच ने शहरभर में 15 निगरानी दस्ते गठित कर होटल, मॉल और पार्कों पर नजर रखने की घोषणा की है।

इससे एक दिन पहले शुक्रवार को हिंदू परिषद और बजरंग दल ने ‘दंड पूजन’ कर विरोध दर्ज कराया। संगठन के प्रांत मंत्री राकेश प्रजापति ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रेम मर्यादा और सम्मान से जुड़ा है, लेकिन पश्चिमी प्रभाव में सार्वजनिक अश्लीलता को बढ़ावा दिया जा रहा है।

जिसे भोपाल में किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन सच्चे प्रेम या पारिवारिक मूल्यों के खिलाफ नहीं, बल्कि सार्वजनिक मर्यादा भंग करने वालों के विरोध में हैं।

बजरंग दल की एक दर्जन टीमें रहेंगी तैनात

संगठनों ने ऐलान किया है कि 14 फरवरी को राष्ट्रीय बजरंग दल की करीब एक दर्जन टीमें शहर के प्रमुख पार्कों, सार्वजनिक स्थलों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में तैनात रहेंगी। किसी भी आपत्तिजनक गतिविधि पर सार्वजनिक विरोध दर्ज कराया जाएगा।

विशेष आयोजन न करें होटल संचालक

उधर, संस्कृति बचाओ मंच ने होटल संचालकों को चेतावनी दी है कि वैलेंटाइन डे पर विशेष आयोजन न करें। मंच पदाधिकारियों ने कहा कि भारतीय संस्कृति और संस्कार देश की पहचान हैं। युवाओं से अपील की गई है कि वे वैलेंटाइन डे के बजाय अगले दिन पड़ने वाली महाशिवरात्रि पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करें।

संगठनों की घोषणाएं

कुछ संगठनों ने दावा किया कि उन्होंने शहरभर में निगरानी टीमें गठित की हैं, जो सार्वजनिक स्थानों पर नजर रखेंगी। वहीं होटल संचालकों से अपील की गई कि वे 14 फरवरी को विशेष आयोजन न करें।
सांस्कृतिक बहस तेज

वैलेंटाइन डे को लेकर हर साल की तरह इस बार भी शहर में सांस्कृतिक बहस देखने को मिली। एक पक्ष इसे निजी अभिव्यक्ति और उत्सव का दिन मानता है, जबकि विरोध करने वाले इसे भारतीय परंपराओं के विपरीत बताते हैं।

प्रशासन ने दोहराया है कि सभी नागरिकों को कानून के दायरे में रहते हुए अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन किसी भी तरह की हिंसक या जबरन कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

शक्ति प्रदर्शन: 'दंड पूजन' के बाद मैदान में उतरे दस्ते
राजधानी में विरोध की लहर एक दिन पहले ही शुरू हो गई थी, जब संगठनों ने 'दंड पूजन' कर अपनी रणनीति साफ कर दी थी.

निगरानी दस्ते: संस्कृति बचाओ मंच ने शहर के होटलों, मॉल्स और पार्कों पर नजर रखने के लिए 15 विशेष निगरानी दस्ते गठित किए हैं.

संस्कृति का तर्क: संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि वे प्रेम के खिलाफ नहीं, बल्कि पाश्चात्य संस्कृति के नाम पर परोसी जा रही 'अश्लीलता' के विरुद्ध हैं.

महाशिवरात्रि की अपील: युवाओं से अपील की गई है कि वे विदेशी त्योहार के बजाय अगले दिन आने वाली महाशिवरात्रि पर शिव-पार्वती की पूजा करें.

प्रशासन अलर्ट: पुलिस का सख्त घेरा
हंगामे की आशंका को देखते हुए भोपाल पुलिस ने चिनार पार्क और अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है.

सुरक्षा चक्र: पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी संगठन को कानून हाथ में लेने या हिंसक कार्रवाई करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

होटलों को हिदायत: दक्षिणपंथी संगठनों ने होटल संचालकों को भी चेतावनी दी है कि वे वैलेंटाइन-डे पर किसी भी तरह का विशेष आयोजन न करें.

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