मध्यप्रदेश लेखक संघ द्वारा आयोजित “साहित्यकार सम्मेलन” में प्रदेश के साहित्यकार हुए सम्मानित

साहित्यकार ही सृष्टि का निर्माता है। सृष्टि की रचना से आज तक साहित्यकारों की सनातन परंपरा विद्यमान है। साहित्य ही समाज और राष्ट्र का दिग्दर्शक है। साहित्य समाज को रस देता है और विभिन्न रस मन और देह को आह्लादित करते हैं। उक्त विचार समारोह के अध्यक्ष पूर्व सांसद रघुनन्दन शर्मा ने भोपाल स्थित मानस भवन में मध्यप्रदेश लेखक संघ के साहित्यकार सम्मेलन में व्यक्त किये।
मुख्य अतिथि रविन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष चैबे ने कहा कि आज समाज के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती कृत्रिम बुद्धिमत्ता की है जिससे केवल साहित्यकार ही रक्षा कर सकता है। आपने तकनीकी के प्रयोग पर बल देते हुए लेखकों से अनुरोध किया कि भाषा पर विशेष ध्यान दें। लोकोक्तियों और मुहावरों के प्रयोग से भाषा को समृद्ध बनाया जा सकता है। सारस्वत अतिथि विकास दवे ने मध्यप्रदेश लेखक संघ की इस बात के लिये सराहना की कि उसने प्रदेश स्तर पर साहित्यकारों को जोड़कर आँचलिक भाषाओं और साहित्य की विभिन्न विधाओं के लेखकों को मुख्यधारा में लाने का कार्य किया है। उन्होंने लेखकों से आह्वान किया कि वे राष्ट्रीय एकता के लिए राष्ट्र विरोधी तत्वों के विरुद्ध जन चेतना जागृत करें।
इस अवसर पर अतिथियों द्वारा संघ की स्मारिका का लोकार्पण किया गया तथा अर्पित साहू द्वारा निर्मित संघ की वेब साइट का भी लोकार्पण किया गया। समारोह में वर्ष 2025 के पं. बटुक चतुर्वेदी अक्षर आदित्य सम्मान से डाॅ. गंगा प्रसाद गुप्त, बरसैंया, सारस्वत सम्मान से महेश सक्सेना, प्रमोद शिरढोणकर स्मृति राष्ट्र प्रेरणा सम्मान से शशिकांत यादव, राधेश्याम द्विवेदी पौराणिक नाटक सम्मान से अरुण अपेक्षित, डाॅ. सरोजिनी कुलश्रेष्ठ कहानी सम्मान से नीता श्रीवास्तव, ’हरिशंकर तिवारी यात्रा वृतान्त सम्मान से डाॅ. विनय राजा षडंगी राजाराम, सरदार दिलजीत सिंह रील व्यंग्य सम्मान से डाॅ. साधना बलवटे तथा अन्य सम्मानों से श्याम सुन्दर तिवारी, डाॅ. मीनू पाण्डेय, हरिकृष्ण हरि, विनोद कुमार जैन, प्रभु त्रिवेदी, दिनेश पाठक, दिनेश प्रभात, डाॅ. नीलिमा रंजन, प्रो. गोविन्द पांडेय, डा. प्रतिभा द्विवेदी, सुरेश पबरा आकाश, प्रवीण अत्रे, राकेश रागी, राज कुमारी चैकसे, डाॅ. यशोधरा भटनागर, सुनील गाइड, डाॅ. प्रार्थना पंडित, डाॅ. वर्षा चैबे, विमल भंडारी को अलंकृत कर सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट इकाई सम्मान खरगोन इकाई अध्यक्ष डाॅ. मधुसूदन बार्चे को प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का प्रांरभ मधुर शर्मा एवं साथियों द्वारा सरस्वती वंदना एवं लेखक संघ गान से हुआ। स्वागत उद्बोधन संघ के प्रदेशाध्यक्ष राजेन्द्र गट्टानी ने दिया तथा आभार प्रदर्शन ऋषि श्रंगारी द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन विनय उपाध्याय ने किया। आयोजन में प्रदेश की विभिन्न इकाइयों के साहित्यकार बड़ी संख्या में उपस्थित रहें।





