“एक दिन मैं इसी मिट्टी में खो जाऊँगी, ओढ़ कर ख़ाक ए वतन ख़ाक में सो जाऊँगी”

मध्यप्रदेश लेखक संघ के तत्वावधान में 79 रचनाकारों द्वारा की गई राष्ट्र आराधना"

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर मध्यप्रदेश लेखक संघ द्वारा दुष्यंत संग्रहालय में राष्ट्र आराधना का बहुत ही सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि उर्दू अकादमी की निदेशक डॉ नुसरत मेहदी ने आराधना की पंक्ति कुछ यूं व्यक्त कीं, “एक दिन मैं इसी मिट्टी में खो जाऊँगी, ओढ़ कर ख़ाक ए वतन ख़ाक में सो जाऊँगी”। संस्था के अध्यक्ष राजेन्द्र गट्टानी ने कहा “बेशक़ रखें आस्था अविचल अपने अपने धर्मों में, लेकिन अपने दिल मे पहले अपना हिंदुस्तान रखें। कार्यक्रम का शुभारंभ उर्दू अकादमी की निदेशक डॉ नुसरत मेहदी, लेखक संघ के संरक्षक डॉ राम वल्लभ आचार्य, अध्यक्ष राजेन्द्र गट्टानी और उपाध्यक्ष ऋषि श्रंगारी ने माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर किया। संघ ने नवाचार करते हुए, कार्यक्रम में 79वें स्वतंत्रता दिवस को ध्यान में रखते हुए भोपाल की हिन्दी एवं उर्दू की साहित्यिक संस्थाओं के 79 रचनाकारों ने पूरे भरे सभागार में एक से बढ़कर एक देश भक्ति से ओत-प्रोत रचनाएँ सुनाईं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button