सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (S.I.R) को बताया वोटर फ्रेंडली

आज दूसरे दिन सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई चल रही थी. बिहार में विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य (S.I.R) को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि (S.I.R) वोटर फ्रेंडली है और यह वोटरों के खिलाफ नहीं है. कोर्ट ने बिहार को बदनाम करने पर भी नाराजगी जताई, विशेष रूप से प्रशासनिक सेवाओं में बिहार मूल के लोगों की भारी उपस्थिति के संदर्भ में. वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने सुनवाई के दौरान कहा कि पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज कम लोगों के पास उपलब्ध हैं. SIR पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि बिहार को ऐसे ही बदनाम न करें. बिहार के लोगों को कमतर नहीं आंकें.

इस दौरान अभिषेक मनु सिंघवी इस मामले को लेकर अलग-अलग दलीलें दे रहे थे. तभी जस्टिस बागची ने अभिषेक मनु सिंघवी से कहा कि उनका आधार बहिष्कार का तर्क समझ में आता है, लेकिन अन्य दस्तावेजों की संख्या का मुद्दा वास्तव में मतदाताओं के अनुकूल है और उनके खिलाफ नहीं है. उन्होंने कहा कि नागरिकता साबित करने वाले दस्तावेजों की संख्या पर भी विचार किया जाना चाहिए.

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button