‘हमीदिया अस्पताल, कॉलेज-स्कूल राष्ट्रभक्तों के नाम से हो’:भोपाल में निगम अध्यक्ष बोले- CM को पत्र लिखे, मिलकर भी रखूंगा मांग

भोपाल नगर निगम परिषद की 24 जुलाई को होने वाली बैठक में नाम बदलने को लेकर दो प्रस्ताव आएंगे। एक पुराने अशोका गार्डन का नाम ‘राम बाग’ और दूसरा विवेकानंद पार्क के पास के चौराहे का नाम ‘विवेकानंद चौक’ करना है। इस बीच राजधानी में अस्पताल, कॉलेज और स्कूल के नाम बदलने को लेकर सियासत भी तेज हो गई है।

निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने हमीदिया अस्पताल, कॉलेज और स्कूल का नाम बदलने की मांग की है। उनका कहना है कि इसके लिए वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिख चुके हैं। अब व्यक्तिगत रूप से भी मिलूंगा और नाम बदले जाने की मांग करुंगा। नाम बदलने के मुद्दे पर निगम अध्यक्ष सूर्यवंशी से बात की और जाना कि आखिर उन्होंने यह मांग क्यों उठाई?

सबसे पहले जानिए पत्र में क्या लिखा निगम अध्यक्ष सूर्यवंशी ने सीएम को लिखे पत्र में नवाब हमीउल्ला के नाम से भोपाल में संचालित हमीदिया अस्पताल, कॉलेज और स्कूल का नाम बदलकर राष्ट्रभक्तों के नाम से किए जाने की मांग की। पत्र में लिखा कि निगम को सड़कों और चौराहों के नामकरण करने का अधिकार है। इसलिए सितंबर-23 में हमीदिया रोड का नाम बदलकर गुरुनानक मार्ग कर दिया गया है।

चूंकि, स्कूल, कॉलेज और अस्पताल समेत अन्य संस्थाओं के नाम परिवर्तन करने का अधिकार भोपाल निगम को नहीं है। इसलिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव इन्हें बदलें।

पाकिस्तान जाना चाहते थे हमीउल्ला-सूर्यवंशी निगम अध्यक्ष सूर्यवंशी ने बताया कि नवाब हमीउल्ला भारत भक्त नहीं बल्कि पाकिस्तान परस्त थे। वे भोपाल रियासत को पाकिस्तान में शामिल कराना चाहते हैं। नवाब हमीउल्ला ने तिरंगा फरहाने वाले पोस्ट मास्टर को गिरफ्तार कराया था। वह पाकिस्तान जाकर वहां के वजीर बनना चाहते थे।

साथ ही विलिनिकरण आंदोलन करने वाले देशभक्तों पर गोलियां चलवाई थी। इसमें छह लोग शहीद हुए थे। यह इतिहास, तथ्य और प्रमाण तीनों ही है। इससे स्पष्ट होता है कि नवाब की निष्ठा भारत से अधिक पाकिस्तान से थी। इसलिए मेरा मानना है कि हमीउल्ला के नाम से हमीदिया हॉस्पिटल, कॉलेज और स्कूल नहीं होना चाहिए। इसलिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पत्र लिखे हैं।

जल्द मुख्यमंत्री से मिलूंगा इस संबंध में उनसे व्यक्तिगत भी मिलूंगा। मुझे पूरा भरोसा है कि इस पर जल्द निर्णय हो जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button