MP के लोगों को बिजनेस, टूरिज्म वीजा नहीं मिल रहा:42 देशों में जाने के लिए जरूरी वैक्सीनेशन बंद

मध्यप्रदेश के सैकड़ों लोगों की विदेश यात्रा की तैयारी पर ब्रेक लग गया है। उन्हें अब एजुकेशन, बिजनेस और टूरिज्म वीजा मिलने में परेशानी हो रही है। दरअसल, 42 देशों की यात्रा के लिए जरूरी वैक्सीनेशन एम्स भोपाल में बंद हो गया है और वीजा के लिए इसका सटिर्फिकेट जरूरी होता है।

यह वैक्सीनेशन यलो फीवर के लिए होता है। अफ्रीका और लैटिसन अमेरिका के कई हिस्सों में यलो फीवर की बिमारी पाई जाती है। ऐसे में यहां यात्रा के लिए वैक्सीनेशन जरूरी होता है। एम्स भोपाल प्रदेश का एकमात्र यलो फीवर वैक्सीनेशन सेंटर है, जहां हर महीने करीब 200 से 250 लोग वैक्सीन लगवाने आते हैं।

हालांकि अब एम्स भोपाल में यलो फीवर वैक्सीन का स्टॉक खत्म हो गया है, जिसके चलते वैक्सीनेशन अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है और अगली खेप कब आएगी, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है।

वैक्सीन सप्लाई में आई रुकावट डॉक्टरों के मुताबिक, कोविड-19 महामारी ने यलो फीवर वैक्सीन के उत्पादन और आपूर्ति को भी प्रभावित किया है। विशेषज्ञों के अनुसार यह वैक्सीन ब्राजील, फ्रांस और रूस में बनती है और वहां से विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के जरिए भारत सरकार को दी जाती है।

इसके बाद वैक्सीन की खेप हिमाचल प्रदेश के कसौली स्थित केंद्रीय अनुसंधान संस्थान (सीआरआई) भेजी जाती है, जहां गुणवत्ता जांच के बाद देशभर के सेंटरों में आपूर्ति की जाती है।

देश में 63 सेंटर, मध्यप्रदेश में सिर्फ एक भारत में यलो फीवर टीकाकरण के लिए कुल 63 अधिकृत केंद्र हैं। लेकिन मध्य प्रदेश में केवल एम्स भोपाल ही यह सुविधा देता है। अब जब यहां वैक्सीन खत्म हो गई है, तो यात्रियों को देश के अन्य राज्यों के सेंटरों का रुख करना पड़ेगा, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ेंगे।

एम्स भोपाल ने कहा- नई खेप आने पर सूचना देंगे एम्स भोपाल के यलो फीवर वैक्सीनेशन सेंटर के नोडल अधिकारी डॉ. सूर्य बाली के मुताबिक, हमारे पास वर्तमान में वैक्सीन का कोई स्टॉक नहीं है। हर बुधवार को लगने वाले टीकाकरण सत्र कैंसिल कर दिए गए हैं। जब नई खेप आएगी, तभी टीकाकरण दोबारा शुरू किया जा सकेगा।

एम्स ने अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया पर पब्लिक नोटिस जारी किया है और लोगों से अपील की है कि वे टीका लगवाने के लिए यहां न आएं और देश के किसी अन्य अधिकृत सेंटर में ऑप्शनल व्यवस्था करें। नई खेप आने पर इसकी सूचना अलग से दी जाएगी।

यात्रियों की बढ़ी परेशानी एम्स भोपाल में वैक्सीन खत्म होने से वे लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं, जो विदेश यात्रा की अंतिम तैयारी में थे। कई एजुकेशन, बिजनेस और टूरिज्म वीजा के आवेदन इस प्रमाणपत्र के बिना अधूरे रह जाएंगे। यात्रियों का कहना है कि उन्हें पहले से जानकारी होती तो दूसरे राज्यों में समय रहते स्लॉट बुक कर सकते थे।

क्या कर सकते है अब यात्री फिलहाल यात्रियों के पास विकल्प यही है कि वे देश के किसी अन्य 63 अधिकृत सेंटर में स्लॉट बुक करें। हालांकि वहां भी वैक्सीन की उपलब्धता को लेकर स्थिति साफ नहीं है। ऐसे में विदेश जाने वाले यात्रियों के लिए यह एक बड़ी समस्या पैदा कर सकता है।

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