बैरसिया में वार्ड-7 के पार्षद के चुनाव की तैयारी शुरू:फर्जी जाति सर्टिफिकेट के चलते गई थी शबाना की कुर्सी

भोपाल की बैरसिया नगर पालिका के वार्ड-7 में पार्षद के चुनाव की तैयारी शुरू हो गई है। 30 जून को मास्टर ट्रेनर्स की ट्रेनिंग होगी। निकाय चुनाव के दौरान इस वार्ड से पार्षद चुनी गईं शबाना शोएब कुरैशी को 3 महीने पहले कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने पद से हटा दिया था। जांच में जाति प्रमाण पत्र फर्जी मिला था।

ट्रेनिंग जनपद पंचायत बैरसिया के सभाकक्ष में सुबह साढ़े 11 बजे से शुरू होगी। इसमें मतदान दल को सैद्धांतिक एवं ईवीएम का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। डॉ. बवन सयके और डॉ. शोयब खान को मास्टर ट्रेनर्स नियुक्त किया गया है।

6 साल तक चुनाव नहीं लड़ सकेगी शबाना बता दें कि कलेक्टर शबाना 6 वर्ष तक किसी भी नगर पालिका या नगर पंचायत में पार्षद पद का चुनाव नहीं लड़ सकेगी। इसके चलते पार्षद के चुनाव में वह दोबारा मैदान में नहीं उतरेगी। बता दें कि नगर पालिका चुनाव में वार्ड नंबर-7 से बीजेपी ने नगमा बी शानू अंसारी, कांग्रेस ने फरीदा इदरीश अहमद, एनसीपी ने शबाना शोएब, आम आदमी पार्टी ने फरजाना बी को पार्षद पद के लिए मैदान में उतारा था। वहीं, निर्दलीय परवीन बी भी मैदान में थी। शबाना चुनाव जीती थी।

हारी हुई कैंडिडेट ने लगाई थी याचिका वार्ड नंबर-7 से पराजित प्रत्याशी परवीन की ओर से कलेक्टर कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। इसमें बताया गया था कि चुनाव लड़ने के लिए शबाना ने तहसीलदार तहसील हुजूर के नाम का अन्य पिछड़ा वर्ग का फर्जी जाति प्रमाण पत्र निर्वाचन अधिकारी के सामने पेश कर पार्षद पद का चुनाव जीता है। इस मामले में टीटी नगर एसडीएम ने जांच की थी। इसके बाद शबाना का जाति प्रमाण पत्र फर्जी घोषित किया गया था।

कलेक्टर कोर्ट के आदेश में यह तीन महीने पहले कलेक्टर सिंह ने इस मामले में आदेश दिए थे। इसके मुताबिक, बैरसिया के लिए आरक्षित वार्डों की सूची में वार्ड-7 अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित वार्ड था। इस प्रकार स्पष्ट है कि अनावेदिका द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग महिलाओं के लिए आरक्षित इस वार्ड से पार्षद पद के चुनाव के लिए नाम निर्देशन पत्र जमा किया और उसके साथ एसडीएम हुजूर द्वारा जारी पिछड़ा वर्ग का जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया गया, जो कि फर्जी पाया गया है।

इसके चलते शबाना को मप्र नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 41 (1) के तहत तत्काल प्रभाव से पार्षद पद से हटाया जाता है। मप्र नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 41 (3) के तहत यह भी आदेश दिए हैं कि अनावेदिका आगामी छह वर्ष के लिए किसी भी नगर पालिका या नगर पंचायत में पार्षद पद के चुनाव के लिए पात्र नहीं होगी।

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