विश्व पर्यावरण दिवस पर मानव संग्रहालय में होंगे कई कार्यक्रम:ट्रैकिंग में देखें संग्रहालय की रॉक पेंटिंग, शाम को ‘नृत्य नाटिका भी

5 जून को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कई कार्यक्रम आयोजित होंगे। भोपालवासियों के लिए यह एक सुनहरा मौका है सुबह की ट्रेकिंग से लेकर शाम की नृत्य नाटिका तक, पूरे दिन विविध आयोजन होंगे और सभी कार्यक्रमों में आमजन की भागीदारी आमंत्रित है।

सुबह 6:30 बजे से पर्यावरण और सांस्कृतिक धरोहर पर आधारित ट्रेकिंग कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसका सहयोग यूथ हॉस्टल एसोसिएशन ऑफ इंडिया कर रहा है। यह ट्रेकिंग मानव संग्रहालय के प्राकृतिक मार्गों से होते हुए प्रतिभागियों को प्रकृति के निकट लाने और संरक्षण की आवश्यकता का अनुभव कराएगी। इसके लिए किसी प्रकार के कोई भी पंजीयन की आवश्यकता नहीं है।

प्रकृति पूजन के माध्यम से सांस्कृतिक जुड़ाव कार्यक्रम में आगे 11:30 बजे तमिलनाडु के अय्यानार देवस्थानम परिसर स्थित पुनीत वन में पुनीत वन महोत्सव के तहत पारंपरिक प्रकृति पूजन का आयोजन होगा। यह आयोजन भारतीय संस्कृति में प्रकृति की आराधना की परंपरा को पुनः उजागर करेगा। मानव संग्रहालय में 3:00 बजे से नगर निगम भोपाल के सहयोग से विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा, जिसमें संग्रहालय के कर्मचारी, स्वयंसेवक, पर्यावरण प्रेमी और आमजन भाग ले सकते हैं। यह अभियान नागरिकों में स्वच्छता और पर्यावरणीय जिम्मेदारी की भावना जागृत करेगा।

‘गंगावतरण’ की नृत्य प्रस्तुति बनेगी मुख्य आकर्षण सायं 6:30 बजे रंग श्री लिटिल बैले ट्रूप द्वारा प्रसिद्ध पौराणिक कथा ‘गंगावतरण’ पर आधारित एक भव्य नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की जाएगी। यह प्रस्तुति न केवल सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध होगी, बल्कि दर्शकों को गंगा नदी के पर्यावरणीय महत्व से भी अवगत कराएगी। आयोजन संग्रहालय के मुक्ताकाशी रंगमंच पर होगा और इसमें सभी आयु वर्ग के दर्शक भाग ले सकते हैं।

भोपालवासियों के लिए विशेष आग्रह मानव संग्रहालय द्वारा आयोजित यह एक दिवसीय आयोजन न केवल मनोरंजक है, बल्कि समाज में सतत विकास, पर्यावरणीय जागरूकता और सांस्कृतिक संरक्षण की भावना को बढ़ावा देने का प्रयास भी है। भोपाल के नागरिकों से अपील की जाती है कि वे परिवार सहित इन कार्यक्रमों में भाग लें और पर्यावरण संरक्षण की इस साझा जिम्मेदारी को निभाएं। कार्यक्रम में भाग लेने वाले प्रतिभागियों से अनुरोध है कि वे प्लास्टिक का उपयोग न करें और पर्यावरण के अनुकूल सामग्री का ही प्रयोग करें।

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