कांग्रेस विधायक के पोते की किडनैपिंग की कहानी:PM का दौरा था, इसलिए भोपाल नहीं, छिंदवाड़ा गए

रायसेन के सिलवानी में कांग्रेस विधायक देवेंद्र पटेल के दो वर्षीय पोते दिव्यम पटेल का अपहरण उसी के चाचा अनु उर्फ अरविंद पटेल ने अपने दो साथियों के साथ किया था। पुलिस ने 16 घंटे के अंदर ही बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

डेढ़ किलो सोने की फिरौती के लिए किए गए इस अपहरण में आरोपी ने खुद ही पुलिस और परिजनों के साथ बच्चे को ढूंढने का नाटक भी किया। बता दें कि मुख्य आरोपी के पास 50 एकड़ से अधिक जमीन है और वह विधायक का करीबी रिश्तेदार है। किडनैपर बच्चे को पहले बेगमगंज के पलोहा गांव से भोपाल ले जाने वाले थे, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के कारण कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए ऐनवक्त पर प्लान बदल दिया। वे बच्चे को 300 किलोमीटर दूर छिंदवाड़ा जिले के तामिया ले गए। वहीं घर के आंगन की टाइल्स के बीच एक फिरौती लेटर को लेमिनेट कराकर रखा गया। इसमें लिखा था डेढ़ किलो सोना अरविंद को दे देना। इस मामले को लेकर भास्कर ने पुलिस और परिजनों से बात की तो बहुत चौंकाने वाला मामला सामने आया। 

दिव्यम को नींद की गोली खिलाई, 45 हजार में बाइक खरीदी

गुरुवार की सुबह 11 बजे बेगमगंज के पलोहा निवासी विधायक देवेंद्र पटेल के पोते दिव्यम पटेल का अपहरण उसके चाचा अनु उर्फ अरविंद पटेल ने अपने दो साथियों की मदद से किया।

घर के पीछे के रास्ते से, जहां सीसीटीवी कैमरा नहीं था, अरविंद ने अपने रिश्तेदार राहुल और उमेश को बुलाया। बच्चे को बाइक पर बैठाकर मेन रोड ले गए, जहां उमेश को 50 हजार रुपये दिए गए। फिर बच्चे को कार में बिठाकर सिलवानी पहुंचे।

वहां गाड़ी का टायर फटने पर 45,000 रुपये की सेकेंड हैंड बाइक खरीदी। बच्चे को नींद की गोली देकर बेहोश किया और पिपरिया रोड होते हुए छिंदवाड़ा के तामिया गांव ले गए। इस दौरान अपहरणकर्ता खुद भी पुलिस के साथ बच्चे की तलाश का नाटक करता रहा।

चेकिंग के डर से भोपाल नहीं ले गए बच्चे को किडनैपिंग के बाद आरोपियों का प्लान बच्चे को भोपाल में ले जाने का था, लेकिन ऐनवक्त पर इसे बदल दिया गया। जानकारी के अनुसार 31 मई काे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भोपाल में आ रहे हैं जिसको लेकर जगह-जगह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है।

इस कारण आरोपी भोपाल की जगह छिंदवाड़ा जिले के तामिया पहुंच गए। बताया जाता है कि यहां पर आरोपी उमेश कुमार अक्सर मजदूर को लेने आया करता था। इस कारण उसको यहां के पूरे रास्ते मालूम थे।

घर पर महिलाएं थीं, इसी दौरान किया किडनैप एक सोची-समझी साजिश के तहत दिव्यम नामक बच्चे का अपहरण किया गया। इस अपराध का मास्टरमाइंड अनु उर्फ अरविंद था, जिसने पूरी योजना पहले से ही तैयार कर रखी थी। गुरुवार को जब दिव्यम के पिता योगेंद्र पटेल अपनी बहन को लेने भोपाल गए हुए थे और उनके दोनों भाई भी घर से बाहर थे, अनु ने इसका फायदा उठाया।

उसने पहले योगेंद्र से फोन पर बात की और जब उसे यकीन हो गया कि घर में केवल महिलाएं हैं, तो उसने घर के पिछले दरवाजे से बच्चे का अपहरण करवा दिया। जब दिव्यम की मां दिव्या पटेल को बच्चा नहीं मिला, तो उन्होंने तलाश शुरू की।

दिलचस्प बात यह थी कि आरोपी अनु भी दिखावे के लिए बच्चे की तलाश में शामिल हो गया। दिव्या ने योगेंद्र को सूचित किया, जो तुरंत भोपाल से घर की ओर रवाना हुए। बेगमगंज पुलिस को सूचना दी गई।

एसडीओपी आलोक श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे और एसपी पंकज कुमार पांडे को स्थिति से अवगत कराया। आरोपी अनु ने अपनी चाल को छिपाने के लिए पुलिस और परिजनों के साथ बच्चे की तलाश में भी हिस्सा लिया।

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