जलभराव को लेकर योगी सरकार सख्त, नगरीय निकायों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश

लखनऊ
उत्तर प्रदेश में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या से आमजन को राहत दिलाने के लिए योगी सरकार ने नगरीय निकायों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने प्रदेश के सभी नगरीय क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था की नियमित निगरानी और संवेदनशील इलाकों में पहले से आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री ए.के. शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि वाराणसी सहित प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में जल निकासी व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। प्रत्येक संवेदनशील क्षेत्र को चिन्हित कर वहां नालों, सीवर लाइनों और पम्पिंग स्टेशनों की स्थिति की पहले से समीक्षा की जाए। जहां कहीं भी जल निकासी की व्यवस्था में कमी दिखाई दे, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। अधिकारी संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों में पहले से आवश्यक तैयारियां पूरी रखें।
नगर विकास मंत्री ने स्पष्ट किया कि शासन की ओर से अधिकारियों को पर्याप्त संसाधन और दिशा-निर्देश उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ऐसे में कार्यों के क्रियान्वयन में लापरवाही या उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी स्वीकार नहीं होगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार नागरिकों को बेहतर, सुगम और सुरक्षित नगरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
एके शर्मा ने कहा कि वाराणसी जैसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर में जल निकासी, सीवर और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाना सरकार की प्राथमिकता है। जलभराव के तत्काल समाधान के साथ इसके स्थायी निराकरण के लिए भी प्रभावी कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है। योगी सरकार की प्राथमिकता आमजन को राहत और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। वाराणसी में हुई कार्रवाई इसी जवाबदेही का संदेश है कि जनहित के कार्यों में जिम्मेदारी से समझौता करने वालों के खिलाफ शासन सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।





