साइबर सुरक्षा एवं संवेदनशील डेटा संरक्षण के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों का हुआ एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण

ई-दक्ष केंद्र में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 एवं साइबर विवाद समाधान के विधिक तथा तकनीकी ढांचे पर हुई गहन चर्चा

न्यायालय, अभियोजन एवं पुलिस साइबर सेल के प्रतिनिधि रहे सहभागी

डिजिटल तकनीक के तीव्र विस्तार के वर्तमान दौर में साइबर सुरक्षा, संवेदनशील सूचनाओं के संरक्षण तथा कंप्यूटर संसाधनों की शुचिता बनाए रखने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के मार्गदर्शन में जिला ई-गवर्नेंस सोसाइटी, भोपाल द्वारा एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

भोपाल स्थित ई-दक्ष केंद्र में ‘सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के अंतर्गत साइबर विवाद समाधान ढांचा एवं कंप्यूटर संसाधनों तथा संवेदनशील डेटा का संरक्षण’ (Cyber Dispute Resolution Framework under the Information Technology Act, 2000 and Protection of Computer Resources and Sensitive Data by Body Corporate) विषय पर आयोजित इस प्रशिक्षण में शासकीय तंत्र की कार्यप्रणाली को डिजिटल जोखिमों से सुरक्षित रखने तथा विधिक प्रावधानों की सूक्ष्म समझ विकसित करने पर बल दिया गया।

प्रशिक्षण में जिला न्यायालय, जिला अभियोजन कार्यालय, साइबर सेल भोपाल तथा नगरीय पुलिस के साइबर सेल से सम्बद्ध वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यशाला में उपस्थित विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को साइबर अपराधों के उभरते स्वरूपों, साइबर विवादों से सम्बद्ध विधिक एवं तकनीकी धाराओं, समाधान की प्रामाणिक प्रक्रियाओं तथा किसी भी साइबर घटना के घटित होने पर उसके त्वरित एवं प्रभावी प्रबंधन के संबंध में विशद एवं अद्यतन जानकारी प्रदान की गई।

कार्यशाला में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के अंतर्गत स्थापित संस्थागत एवं कानूनी ढांचे के व्यावहारिक क्रियान्वयन पर विस्तृत प्रकाश डाला गया। इसके साथ ही, कंप्यूटर संसाधनों एवं डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा, संवेदनशील डेटा एवं गोपनीय अभिलेखों के संरक्षण, सूचनाओं की गोपनीयता सुनिश्चित करने तथा डिजिटल संसाधनों के सजग एवं सुरक्षित उपयोग से जुड़े महत्वपूर्ण एवं व्यावहारिक पहलुओं को विविध दृष्टांतों एवं वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से अत्यंत सरलता से समझाया गया। इस प्रशिक्षण से विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय सुदृढ़ होने के साथ-साथ डिजिटल प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, सुरक्षित एवं समर्थ बनाने में सहायता मिलेगी।

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