कलश यात्रा जल संरक्षण और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का भी संदेश देती है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सनातन परंपरा का मूल भाव सबको साथ लेकर चलना है। कलश यात्रा जैसे धार्मिक आयोजन समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करते हैं। भारतीय संस्कृति में जल को जीवन और देवत्व का प्रतीक माना गया है। कलश यात्रा हमें जल संरक्षण और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का संदेश देती है। आगर मालवा की पहचान आस्था, संस्कृति और परंपराओं से रही है। यहां के निवासियों ने सदैव धार्मिक आयोजनों को सामाजिक एकता का माध्यम बनाया है। आज आयोजित भव्य कलश यात्रा हमारी श्रद्धा और मंगल का प्रतीक है। ऐसी यात्राएं समाज को अपनी जड़ों और संस्कारों से जोड़ने का काम करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगर मालवा में आयोजित भव्य कलश यात्रा को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे।
राज्य सरकार आगर मालवा के विकास, सुविधाओं के विस्तार और जनकल्याण के लिए प्रतिबद्ध है
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कलश यात्रा में मातृशक्ति की सहभागिता हमारी परंपरा की सुंदर तस्वीर प्रस्तुत करती है। हमारी सरकार महिला सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा और स्वावलंबन के लिए निरंतर काम कर रही है। आने वाली पीढ़ी अपनी संस्कृति और पंरपराओं को जाने, यह सभी का दायित्व है। धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन बच्चों और युवाओं में संस्कारों की मजबूत नींव रखते हैं। मध्यप्रदेश में विकास की नई ऊंचाइयों के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाया जा रहा है। सड़क, पानी, बिजली सहित कृषक कल्याण, रोजगार के अवसर सृजित करने और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के लिए राज्य में विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। आस्था, पर्यटन और संस्कृति को जोड़कर प्रदेश में नई संभावनाओं का निर्माण हो रहा है। राज्य सरकार आगर मालवा के विकास, सुविधाओं के विस्तार और जनकल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। सिंहस्थ : 2028 में राजस्थान से आने श्रद्धालुओं की अगवानी आगर जिला करेगा। इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारी जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलश यात्रा के अवसर पर स्वच्छता, सेवा, सद्भाव और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लने का आहवान किया।
कार्यक्रम में विधायक मधु गहलोत ने कहा कि 4 माह बाद निर्धन कन्याओं का आगर में निशुल्क सामुहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया जायेगा।





