NEET UG कटऑफ में बड़ा उछाल, 600 नंबर वाले छात्रों को भी सताने लगी एडमिशन की चिंता

नीट यूजी का रिजल्ट का पासिंग कटऑफ हाई होने से छात्रों के मन में तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं. इतना ही नहीं इसके वजह से वह बेहद हताश भी दिखाई दे रहे हैं. छात्रों का कहना है कि नीट का कटऑफ इतना अधिक रहा है कि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि अच्छे नंबर लाने के बाद भी अच्छे कॉलेज में एडमिशन मिलेगा कि नहीं. इसका पासिंग मार्क्स 70 तक पहुंच गया है. ऐसे में 500 से 600 नंबर लाने वालों को कैसे सरकारी कॉलेज मिलेगा. साल 2025 के मुकाबले इस साल के कटऑफ में बड़ा उछाल आया है.
कितना गया है कटऑफ?
सामान्य या EWS- न्यूनतम 144 से बढ़कर 213 हो गया.
बीसी, एससी और एसटी- 113 से बढ़कर 177 नंबर हो गया है.
सी कटऑफ बढ़ने की वजह से क्वालीफाई करने वाले छात्रों में सामान्य कैटेगरी की भागीदारी में पिछली साल की तुलना में 3 प्रतिशत की कमी देखी गई है.
क्या 600 नंबर में मिलेगा एडमिशन?
अब जो सवाल तेजी से छात्रों के मन में उठ रहा है कि क्या 600 नंबर लाने वाले छात्रों को अच्छे मेडिकल कॉलेज में एडमिशन मिल जाएगा? लेकिन बता दें कि जब क्वालीफाई करने के लिए कटऑफ बढ़ती है, तो इसका मतलब साफ होता है कि पिछली साल की तुलना में इस साल ज्यादा छात्रों ने हाई स्कोर हासिल किया है. इसका सीधा असर एडमिशन पर भी पड़ सकता है. ऐसे में जिन बच्चों के 600 नंबर आए हैं, उनके भी एडमिशन पर तलवार लटक सकती है.
पहली बार वाले बच्चों की स्कोरिंग है अच्छी
कई रिपोर्ट में माना जा रहा है कि CBSE के काउंसलिंग सेल में एक दिन में करीब 100 फोन आए हैं जिसमें से सबसे ज्यादा छात्र बिहार, झारखंड, यूपी, छत्तीसगढ़ से थे. उन्होंने सबसे ज्यादा सवाल कटऑफ को लेकर किया है. छात्र तनाव में हैं कि तीन साल से तैयारी करने वाले छात्रों की स्कोरिंग अच्छी नहीं है लेकिन पहली बार परीक्षा देने वालों ने अच्छा स्कोर किया है.





